मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को शुरुआत जोरदार रही। दोनों प्रमुख सूचकांक — सेंसेक्स और निफ्टी — हरे निशान पर खुले। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक यानी 0.5% उछलकर 73,596 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 अंक यानी 0.2% चढ़कर 22,737 अंक पर आ गया। लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई और बाजार ने सुबह की तेजी गंवा दी।

सुबह 9:53 बजे के अपडेट के मुताबिक, सेंसेक्स 35 अंक गिरकर 73,214 पर आ गया, जबकि एक समय यह 73,766 के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया था। निफ्टी भी 56 अंक फिसलकर 22,631 पर ट्रेड कर रहा था। दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 416 अंक उछलकर 73,665 और निफ्टी 54 अंक चढ़कर 22,742 पर खुला था।
IT शेयरों में तेजी, स्विगी 52 हफ्तों के निचले स्तर पर
बाजार की इस उठापटक में IT शेयर चमके। टीसीएस में 3% से ज्यादा, इन्फोसिस में 2.17%, एचसीएल टेक में 1.42% और रिलायंस में 1.33% की तेजी दर्ज हुई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी IT सबसे ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरे। मिडकैप 0.48% और स्मॉलकैप 1.03% टूटे।
वहीं स्विगी के शेयरों में भारी बिकवाली दिखी — शेयर 52 हफ्तों के नए निचले स्तर ₹204.90 पर पहुंच गया और 5.79% गिरकर ₹199.15 पर कारोबार कर रहा था। मुथूट फाइनेंस भी 52 हफ्तों के निचले स्तर ₹2,409.60 तक फिसला।
पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चा तेल
बाजार की धारणा पर पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव का दबाव रहा। सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से ब्रेंट क्रूड 113.5 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 99.17 डॉलर पर आ गया। गुरुवार को बाजार लगातार तीसरे सत्र में गिरा था — सेंसेक्स 460 अंक टूटकर 73,249 और निफ्टी 123 अंक गिरकर 22,687 पर बंद हुआ था। विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को फिर से तेजी पकड़ने के लिए 22,800 के ऊपर कारोबार करना जरूरी है।
एशिया और रुपये का हाल
एशियाई बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुले — दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.42%, कोस्डैक 2.6%, जापान का निक्केई 0.5% और टॉपिक्स 0.86% टूटा। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.56 पर ट्रेड कर रहा था। भारतीय रुपया गुरुवार, 22 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले 94.82 पर बंद हुआ था। इंडिया VIX 7% उछला, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।

