देश के सबसे बड़े आईपीओ को बोली लगाने के दूसरे दिन भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को सुबह 9:45 बजे तक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ 3.16 गुना भर चुका था। दिन चढ़ने के साथ मांग और बढ़ती गई — दोपहर 11:35 बजे तक कुल सब्सक्रिप्शन 3.59 गुना तक पहुंच गया। ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर जबरदस्त हलचल है; जीएमपी 247-255 रुपये के आसपास बना हुआ है, जो ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये से करीब 22 प्रतिशत ऊपर लिस्टिंग का संकेत देता है।

## कैटेगरी वाइज किसने कितनी बोली लगाई
संस्थागत निवेशक इस इश्यू को सबसे आगे लेकर चल रहे हैं। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी का हिस्सा 9.42 गुना भर चुका है, जो पहले दिन के बंद के 9.04 गुना से भी ऊपर है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल यानी एचएनआई कैटेगरी में 2.34 गुना तक बोलियां आई हैं। खुशखबरी यह है कि दूसरे दिन रिटेल निवेशकों का कोटा भी पूरा भर गया — देर सुबह तक रिटेल हिस्सा 100 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था। इसके अलावा कर्मचारी आरक्षण 1.67 गुना और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों का हिस्सा 2.27 गुना भरा है।
## आईपीओ की खास बातें और अहम तारीखें
यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। कंपनी 27 करोड़ शेयरों के ताजा इश्यू के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटा रही है। प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, और एक लॉट में 12 शेयर हैं — यानी रिटेल निवेशक को ऊपरी बैंड पर एक लॉट के लिए 13,428 रुपये लगाने होंगे। कर्मचारियों को 54 रुपये प्रति शेयर की छूट दी जा रही है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक का आरक्षण रखा गया है। एंकर निवेशकों से कंपनी पहले ही 8,110 करोड़ रुपये जुटा चुकी है, जिसमें 212 निवेशकों ने हिस्सा लिया था।
यह आईपीओ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा। आवेदन करने वालों को सलाह दी गई है कि 23 अक्टूबर को शाम 5 बजे से पहले अपना यूपीआई मैंडेट जरूर अप्रूव कर लें। शेयरों का अलॉटमेंट सोमवार, 26 अक्टूबर को और लिस्टिंग बुधवार, 28 अक्टूबर को संभावित है।
## बाजार की चाल पर क्या होगा असर
निफ्टी में रिलायंस इंडस्ट्रीज का वेटेज करीब 9 प्रतिशत है, इसलिए इस आईपीओ में आ रहे फंड फ्लो का सीधा असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है। बुधवार को रिलायंस का शेयर 1,209 रुपये पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थागत निवेशकों की तगड़ी मांग यह बताती है कि दिग्गज कंपनियों के शेयरों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। रिटेल कोटे के दूसरे दिन ही भर जाने से लिस्टिंग को लेकर भी उत्साह बढ़ा है।
यह जानकारी सिर्फ सूचनात्मक है, निवेश की सलाह नहीं। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले हमेशा किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।

