गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,621.04 अंक यानी 2.10 फीसदी चढ़कर दिन के कारोबार में 78,922.44 के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 431.35 अंक यानी 1.80 फीसदी की बढ़त के साथ 24,391.95 तक गया। बुधवार को सेंसेक्स 77,301.40 और निफ्टी 23,960.60 पर बंद हुए थे। यह लगातार छठा सत्र है, जब बाजार बढ़त की ओर बढ़ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स 1,535.14 अंक की बढ़त के साथ 78,836.54 और निफ्टी 447.30 अंक की तेजी के साथ 24,407.90 पर कारोबार कर रहा था। इस एक दिन की तेजी से निवेशकों की दौलत करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई और बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब 501 लाख करोड़ रुपये हो गया।
![]()
तेजी की तीन बड़ी वजहें: अमेरिका चुनाव, सस्ता तेल, FII की खरीदारी
बाजार की इस छलांग के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे रहे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा कर लिया, जिससे चुनाव को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई। इसके बाद वॉल स्ट्रीट पर डाउ जोंस 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ा, जो चार दशक से ज्यादा समय में मध्यावधि चुनाव के बाद का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी 1.4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। दूसरी वजह कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 फीसदी की भारी गिरावट रही। ईरान से जुड़े टकराव में कमी की उम्मीद से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जो तेल आयात पर निर्भर भारत के लिए राहत की खबर है। तीसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई ने मंगलवार 3 नवंबर को 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
ऑटो और बैंकिंग शेयर चमके, रुपया भी मजबूत
सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी ऑटो, वित्तीय सेवाएं और रियल्टी सबसे ज्यादा चढ़े, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर में गिरावट रही। श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और एशियन पेंट्स निफ्टी के सबसे बड़े गेनर रहे। मिडकैप सूचकांक 1.19 फीसदी और स्मॉलकैप 1.14 फीसदी बढ़ा। अमेरिकी बाजारों में माइक्रोसॉफ्ट 6.7 फीसदी, अमेज़न 6 फीसदी, एप्पल 5.4 फीसदी और अल्फाबेट 3.7 फीसदी चढ़े, हालांकि सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव रहा। रुपये ने भी लगातार चौथे सत्र में मजबूती दिखाई और बुधवार को 10 पैसे बढ़कर 94.64 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर में दो महीने की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट आई और 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 4.89 फीसदी पर आ गई।
निफ्टी 24,375 के प्रतिरोध से ऊपर, आगे क्या
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील के मुताबिक निफ्टी अपने हालिया निचले स्तर 22,179 से करीब 1,800 अंक सुधर चुका है। उनका कहना है कि 24,000 के ऊपर टिके रहना अगला प्रतिरोध 24,375 की ओर रास्ता खोलता है, जबकि तत्काल सहारा 23,700 पर है। गुरुवार को निफ्टी 24,391.95 तक जाकर इस प्रतिरोध से ऊपर निकल गया। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 383.55 अंक चढ़कर 77,301.40 पर बंद हुआ था, जो दो महीने से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा बंद स्तर था। मंगलवार को भी सेंसेक्स 1,225.07 अंक चढ़ा था। पांच सत्रों की इस तेजी में सेंसेक्स 4,000 अंक से ज्यादा यानी करीब 5 फीसदी बढ़ चुका है। आज सेंसेक्स के साप्ताहिक डेरिवेटिव अनुबंधों की एक्सपायरी भी है, इसलिए कारोबार के आखिरी घंटों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। (नोट: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं है।)

