बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बड़ी राहत मिली है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता रामपुकार सिन्हा ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के बाद गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान थमती नजर आ रही है। सिन्हा के फैसले को सारण सीट पर जदयू उम्मीदवार के लिए सीधी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।


पटना में विधायकों के साथ किया ऐलान
रामपुकार सिन्हा पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों के साथ पत्रकारों के सामने आए और नामांकन वापस लेने की घोषणा की। इस मौके पर विधायकों ने साफ किया कि सारण सीट के अलावा विधान परिषद की बाकी सात सीटों पर भी उनका समर्थन एनडीए और जदयू के उम्मीदवारों को ही मिलेगा। इस बयान को गठबंधन के भीतर मतभेद दूर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक सीट पर शुरू हुआ विवाद अब सुलझाव की ओर बढ़ता दिख रहा है।
क्यों पैदा हुआ था टकराव
दरअसल, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू उम्मीदवार के मुकाबले रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उनके इस कदम से एनडीए के भीतर राजनीतिक असहजता पैदा हो गई थी। गठबंधन का एक घटक दल जब अपने ही गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में उतर जाए तो इसका संदेश अच्छा नहीं जाता। यही वजह थी कि सिन्हा की उम्मीदवारी को गठबंधन के लिए परेशानी का कारण माना जा रहा था। नामांकन वापसी की घोषणा के बाद इस सीट पर विरोध की स्थिति बदलती दिखाई दे रही है।
निष्कासन के बाद आया नया मोड़
बगावत के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कुछ दिन पहले रामपुकार सिन्हा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी से निकाले जाने के बाद सिन्हा के रुख को लेकर अटकलें तेज थीं। अब नामांकन वापस लेने की घोषणा और विधायकों के साथ सामने आने के बाद बिहार की सियासत में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नामांकन वापसी की औपचारिक स्थिति की पुष्टि संबंधित निर्वाचन प्रक्रिया से ही होगी।
चुनाव का कार्यक्रम क्या है
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, सारण शिक्षक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के पात्र शिक्षक मतदाता वोट डालेंगे, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित योग्यता रखने वाले और मतदाता सूची में शामिल स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।


