बिहार में एक पुराने बयान को लेकर सियासी तापमान फिर चढ़ गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के एक वीडियो के वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के कई नेताओं ने प्रशांत किशोर की भाषा को आपत्तिजनक बताया और उन पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया। इस विवाद ने बिहार के विधान परिषद चुनाव के प्रचार के बीच नई बहस छेड़ दी है।


क्या है पूरा मामला
प्रशांत किशोर का यह बयान 10 अक्टूबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एमएलसी चुनाव के प्रचार के दौरान एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि अगर अपराधियों को गोली ही मारनी है तो सम्राट चौधरी से बड़ा अपराधी कौन है। यह बयान ऐसे समय आया जब सम्राट चौधरी लगातार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत कर रहे हैं, जिसमें जरूरत पड़ने पर एनकाउंटर के लिए पुलिस को सरकार की ओर से खुली छूट देने की बात भी शामिल है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
BJP नेताओं ने क्या कहा
भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने प्रशांत किशोर के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल गंभीर और निंदनीय है। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा और धमकी की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। ऐसी बयानबाजी से समाज में तनाव और वैमनस्य बढ़ने का खतरा है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने प्रशांत किशोर की भाषा शैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर खुद को नई सोच का राजनीतिक चेहरा बताते हैं, लेकिन उनकी भाषा आपत्तिजनक है। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी पार्टी जन सुराज नहीं, बल्कि गन सुराज है।
भाजपा की प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने भी प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने अपने बयान से अपना असली चेहरा दिखा दिया है। बिहार की जनता ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं है। प्रीति शेखर ने उनकी भाषा को गुंडों जैसी बताया और संयम बरतने की नसीहत दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इस बयान को मुख्यमंत्री के खिलाफ हिंसक भाषा बताया।
प्रशांत किशोर ने जनसभा में क्या कहा
इसी बीच प्रशांत किशोर ने 16 अक्टूबर को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सरकार बनाने या गिराने का नहीं है, बल्कि बिहार में नीति और न्याय की लड़ाई है। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बांकीपुर चुनाव के बाद से ही सम्राट चौधरी की भाषा और नीतियां जनविरोधी रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में भाजपा को वोट न दें, क्योंकि भाजपा की जीत से सम्राट चौधरी का मनोबल बढ़ेगा और समाज में तनाव की स्थिति पैदा होगी।
आगे क्या होगा
फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ता दिख रहा है। भाजपा नेताओं ने इस बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। वहीं, वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ और बयान की पृष्ठभूमि को देखना भी जरूरी है। प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद आगे सियासी विवाद और बढ़ना तय माना जा रहा है।


