मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को इंदौर के डेली कॉलेज से बड़ी सियासी हलचल की खबर आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने संघ के शीर्ष पदाधिकारियों से अहम मुलाकात की। यह मुलाकात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक खत्म होने के बाद हुई, जिसे महज औपचारिक नहीं माना जा रहा है। इससे एक दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी डेली कॉलेज पहुंचकर संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा कर चुके थे। लगातार हो रही इन मुलाकातों से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
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संघ की बैठक के बाद डेली कॉलेज पहुंचे CM
जानकारी के अनुसार, संघ की बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर डेली कॉलेज पहुंचे। वहां दोनों नेताओं ने संघ के शीर्ष पदाधिकारियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री गुरुवार को इंदौर दौरे पर थे — वे सुबह भोपाल से रवाना होकर डेली कॉलेज पहुंचे और दोपहर में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। संघ के दिग्गजों से उनकी यह मुलाकात दिन की सबसे चर्चित राजनीतिक घटना रही।
एक दिन पहले बीएल संतोष भी आए थे
इस मुलाकात से ठीक एक दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने भी डेली कॉलेज पहुंचकर संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया था। दो दिनों के भीतर सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं का संघ के दिग्गजों से मिलना प्रदेश की राजनीति में असामान्य घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे सत्ता, संगठन और संघ के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।
सत्ता-संगठन तालमेल और भावी रणनीति के संकेत
लगातार हो रही इन बैठकों को प्रदेश के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर भावी रणनीति तैयार करने का बड़ा संकेत माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि संघ के इस मंथन के बाद प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन की कार्यशैली और रणनीति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इन बैठकों का आधिकारिक एजेंडा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन डेली कॉलेज में हुई इन मुलाकातों को काफी अहम माना जा रहा है।
आधिकारिक एजेंडा नहीं, पर नजरें टिकीं
बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ता, संगठन और संघ के बीच हुई इस चर्चा के बाद प्रदेश की राजनीति को लेकर क्या नई रणनीति तैयार होती है। आने वाले दिनों में इन मुलाकातों के नतीजे प्रदेश की सियासत में दिखाई दे सकते हैं।

