केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए हैं। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद मैदान में उनके अलावा कोई उम्मीदवार नहीं बचा, जिसके बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरी को बधाई देते हुए कहा कि दिवाली से पहले मिली यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता में उत्साह भरेगी।
![]()
दोनों प्रतिद्वंद्वियों के नामांकन क्यों खारिज हुए
इस उपचुनाव में पुरी के अलावा दो और उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन दोनों के पर्चे खारिज हो गए। राजकुमार लोहानी का नामांकन इसलिए रद्द हुआ क्योंकि उन्होंने 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे की समयसीमा तक अनिवार्य फॉर्म 26 का हलफनामा जमा नहीं किया था। वहीं कांते सयन्ना का नामांकन इस आधार पर खारिज हुआ कि वे विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के 10 प्रतिशत या 10 निर्वाचित सदस्यों के हस्ताक्षर की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं कर सके। नाम वापसी की अंतिम तारीख 5 नवंबर दोपहर 3 बजे थी, और तब तक कोई और उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा।
दिल्ली में थे पुरी, प्रमाणपत्र लेने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष
चुनाव परिणाम घोषित होने के समय हरदीप सिंह पुरी दिल्ली में एक बैठक में शामिल थे। उनकी ओर से निर्वाचन का प्रमाणपत्र लेने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के अन्य पदाधिकारी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुरी की अनुपस्थिति में प्रदेश संगठन के नेताओं ने उनका प्रमाणपत्र प्राप्त किया।
CM मोहन यादव ने क्या कहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरी को बधाई देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पुरी की उम्मीदवारी को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुरी के माध्यम से मध्य प्रदेश का जुड़ाव एक ऐसे प्रतिष्ठित और सक्षम व्यक्ति से हुआ है, जिनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने पुरी को संसदीय जिम्मेदारियों और केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं दीं।
पुरी का मध्य प्रदेश से नाता और प्रशासनिक अनुभव
हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उन्हें प्रशासन का लंबा अनुभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि पुरी जैसा अनुभवी व्यक्ति अब राज्य के प्रतिनिधि के रूप में संसद के उच्च सदन में रहेगा। दिवाली से ठीक पहले आए इस परिणाम को भाजपा खेमे में उत्साह का संकेत माना जा रहा है।

