इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टर्मिनल के भीतर पिछले कुछ दिनों से बंद पड़ा स्मोकिंग जोन एक बार फिर खोल दिया गया है। इस सुविधा के दोबारा शुरू होने के बाद नियमित रूप से उड़ान भरने वाले यात्रियों ने चैन की सांस ली है।
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## क्यों बंद हो गया था स्मोकिंग जोन
दरअसल, 30 सितंबर को स्मोकिंग जोन चलाने वाली पुरानी कंपनी का अनुबंध पूरा हो गया था। अनुबंध खत्म होते ही इस सुविधा पर ताला लग गया। इसके बाद विमानतल पर आने वाले यात्रियों को लगातार दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। कई यात्रियों ने इस बंदी को लेकर नाराजगी जताई और सुविधा दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। यात्रियों के विरोध को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने हस्तक्षेप किया और फिलहाल अपने स्तर पर ही इसका संचालन शुरू कर दिया है। नई ठेका कंपनी के चयन तक यही वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी।
## सुरक्षा जांच से जुड़ी थी असली परेशानी
यात्रियों की परेशानी की बड़ी वजह सुरक्षा जांच के नियम थे। विमानतल में प्रवेश के समय जांच के दौरान सुरक्षाकर्मी माचिस, लाइटर और दूसरी ज्वलनशील चीजें बाहर ही रखवा लेते हैं। टर्मिनल के सिक्योरिटी होल्ड एरिया में पहली मंजिल पर बने स्मोकिंग जोन में पहले एक निजी कंपनी की ओर से सिगरेट बेचने की सुविधा भी थी, साथ ही बाहर से लाई गई सिगरेट जलाने के लिए एक खास इलेक्ट्रिक मशीन भी लगी थी। जोन बंद होने के बाद यात्री अपनी सिगरेट जला ही नहीं पा रहे थे, जिससे उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा था।
## प्रबंधन ने खुद संभाली व्यवस्था
लगातार विरोध और हंगामे के बाद प्रबंधन ने तेजी से कदम उठाया। नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रबंधन ने खुद स्मोकिंग जोन चलाना शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में एक आधुनिक इलेक्ट्रिक लाइटर मशीन भी लगा दी गई है, ताकि यात्री अपनी साथ लाई सिगरेट जला सकें। हालांकि इस अस्थायी व्यवस्था में सिगरेट की दुकानदारी नहीं होगी, यानी व्यावसायिक बिक्री फिलहाल बंद रहेगी, सिर्फ धूम्रपान की अनुमति मिलेगी।
## पांच साल के लिए जारी हुआ नया टेंडर
लंबे समय के लिए इस सेवा को सुचारु रखने के वास्ते प्रबंधन ने पांच साल की अवधि का नया टेंडर भी निकाल दिया है। इसके तहत न्यूनतम मासिक लाइसेंस फीस 75,500 रुपये तय की गई है, जो हर साल 10 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। सफल ठेकेदार को इसके अलावा जीएसटी, बिजली, पानी और दूसरे प्रशासनिक शुल्क भी चुकाने होंगे। टेंडर के मुताबिक स्मोकिंग लाउंज के लिए 9.38 वर्गमीटर और सिगरेट बिक्री कियोस्क के लिए 1.53 वर्गमीटर जगह निर्धारित है। सुरक्षा और साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए ठेकेदार को धुआं बाहर निकालने के लिए अलग और मजबूत एग्जॉस्ट सिस्टम तथा ऑटोमैटिक क्लोजिंग डोर जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। इस प्रक्रिया में 3 नवंबर को टेंडर खोले जाएंगे और नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

