धार जिले के सरदारपुर में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। करीब 2,387.60 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना से 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का पानी मिलेगा। इस परियोजना से लगभग 72 हजार किसानों को सीधा लाभ पहुंचने की उम्मीद है। सरदारपुर के खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परियोजना के रूट मैप का अवलोकन भी किया।
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188 विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 188 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। इनमें पुल, विद्यालय भवन, अस्पताल और आईटीआई भवन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही अमका-झमका माता मंदिर क्षेत्र को श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत विकसित करने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने धार जिले को जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात देने का आश्वासन भी दिया, जिससे जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
किसानों के खाते में फसल बीमा की राशि
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 16.70 लाख किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये अंतरित किए। उन्होंने कहा कि किसानों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा। डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करने वाले पात्र किसान को 10 लाख रुपये तक का अनुदान देने की योजना है। सरकार का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि गांवों में ही रोजगार और आय के साधन बढ़ें।
सिंचित क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सिंचित क्षेत्र को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गई और अब यह आंकड़ा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक किसानों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस सिंचाई परियोजना से किसान तीन फसलें लेने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे, जिससे उनकी आय में भी इजाफा होगा।
पीएम मित्र पार्क से रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब छह लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यहां कपास से धागा, कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स बनाने की पूरी श्रृंखला विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे लगभग तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास से स्थानीय युवाओं, किसानों और महिलाओं का पलायन रुकने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम मिलेगा।

