इंदौर में भारतीय जनता पार्टी 30 अक्टूबर को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकालेगी। यह मार्च सुबह 10 बजे सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंचेगा। मार्च से पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

देश के खिलाफ नारों पर सवाल
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संदेश में देश के खिलाफ नारे लगाने और अराजकता फैलाने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए पूर्वजों ने बलिदान दिया है, ऐसे में देश के टुकड़े होने की बात बर्दाश्त नहीं की जा सकती। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते और देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या देश में अराजकता फैलाने वालों का समर्थन किया जाएगा और क्या सत्ता परिवर्तन के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने से आम लोगों को नुकसान नहीं होगा।
भारत माता और बलिदान का जिक्र
अपने वीडियो में विजयवर्गीय ने कहा कि भारत माता हमारी माता हैं और देश के खिलाफ बोलने वालों को अराजकता फैलाने देना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने देश की आजादी के लिए पूर्वजों के बलिदान का जिक्र किया और कहा कि ऐसे मुद्दों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरेंगे। उनके इस बयान के बाद 30 अक्टूबर को होने वाले पैदल मार्च को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं से इसमें शामिल होने की अपील की गई है।
मार्च की तैयारियां और रूट निरीक्षण
मार्च की तैयारियों के तहत सोमवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी तय रास्ते का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान रास्ते में होने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। पार्टी ने इस कार्यक्रम का नाम ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ रखा है और देशभर में इस तरह का अभियान चलाए जाने की बात कही गई है।
दुनिया और पड़ोसी देशों का जिक्र
अपने संदेश में विजयवर्गीय ने दुनिया के दूसरे देशों में हो रही घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस, इटली और अल्बेरिया में भी अराजकता की स्थिति है। भारत के पड़ोसी देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल को बिखरते देखा है। उनके अनुसार कुछ लोग भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते, इसलिए देश में भी अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है। अब 30 अक्टूबर को इंदौर में निकलने वाले इस पैदल मार्च में कितने लोग शामिल होते हैं और इसका राजनीतिक संदेश क्या रहता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

