मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी 31 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार पुरी 30 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेंगे और अगले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचकर रिटर्निंग अधिकारी के सामने पर्चा भरेंगे।

नामांकन का कार्यक्रम
भाजपा पदाधिकारियों ने गुरुवार को ही नामांकन पत्र खरीद लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार नामांकन पत्र तीन-तीन के सेट में भरे जाएंगे। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि पार्टी इस उपचुनाव को पूरी गंभीरता से ले रही है और अपने उम्मीदवार के पक्ष में एकजुटता का संदेश देना चाहती है। भोपाल में नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।
संख्या बल और निर्विरोध की संभावना
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 65 विधायक हैं और भारत आदिवासी पार्टी का एक विधायक है। इस संख्या बल के आधार पर हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। राज्यसभा उपचुनाव के लिए मतदान की तारीख 12 नवंबर निर्धारित की गई है, लेकिन संख्या बल को देखते हुए चुनाव की नौबत आने की संभावना कम मानी जा रही है।
उपचुनाव का राजनीतिक महत्व
राज्यसभा की यह सीट खाली होने के बाद हो रहे उपचुनाव पर राजनीतिक हलकों की नजर है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाकर यह संकेत दिया है कि वह अनुभवी और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले चेहरे को मध्य प्रदेश से संसद के उच्च सदन में भेजना चाहती है। पुरी के नामांकन के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारता है या निर्विरोध चुनाव का रास्ता साफ होता है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।

