इंदौर। दीपावली से पहले इंदौर में भाजपा की प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर सियासत तेज हो गई है। 30 अक्टूबर को प्रस्तावित इस पदयात्रा की तारीख आगे बढ़ाने की मांग कांग्रेस ने की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि त्योहार के सीजन में प्रमुख बाजारों में यातायात प्रभावित होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। नेताओं ने कारोबार पर करीब 5 करोड़ रुपये तक असर पड़ने की आशंका जताई है, हालांकि इस अनुमान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

त्योहार के सीजन में कारोबार प्रभावित होने की आशंका
मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल और ब्लॉक अध्यक्ष क्रमांक 14 गिरीश जोशी ने कहा कि दीपावली व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में से एक है। इस दौरान कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, किराना, मिठाई, बर्तन, सजावटी सामान और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक बाजार पहले से ही मंदी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है, तो ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसका असर छोटे और मध्यम व्यापारियों की बिक्री पर पड़ने की आशंका है।
इन बाजारों में असर पड़ने की जताई आशंका
विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी ने कहा कि सुभाष नगर, परदेशीपुरा, कुलकर्णी का भट्टा, कल्याण मिल, राजकुमार मिल, मालवा मिल, बेकरी गली और पाटनीपुरा सहित प्रस्तावित पदयात्रा मार्ग से जुड़े बाजार प्रभावित हो सकते हैं। यदि यात्रा का मार्ग एलआईजी चौराहे की ओर निर्धारित किया जाता है, तो वहां के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ने की आशंका है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि त्योहार को देखते हुए व्यापारी पहले से अतिरिक्त माल खरीदते हैं, कर्मचारियों की व्यवस्था करते हैं और अपनी पूंजी लगाते हैं। ऐसे समय में ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने से उनके कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है।
ग्राहकों को जाम और पार्किंग की परेशानी का अंदेशा
कांग्रेस ने आशंका जताई कि पदयात्रा के दौरान यातायात प्रभावित होने से खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को जाम, पार्किंग और बाजारों तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। नेताओं के मुताबिक इसका असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कर्मचारियों और आपूर्ति से जुड़े अन्य कारोबारों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ आम नागरिकों की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके लिए आयोजन का मार्ग और समय तय करते समय स्थानीय बाजारों की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए।
भाजपा नगर अध्यक्ष से तारीख बदलने की अपील
विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी ने भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से आग्रह किया है कि वे व्यापारिक संगठनों और स्थानीय बाजार संघों से चर्चा करें। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्रस्तावित पदयात्रा दीपावली के बाद आयोजित की जाए, ताकि व्यापारियों को त्योहार के दौरान कारोबार करने और ग्राहकों को खरीदारी करने में परेशानी न हो। कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन त्योहार के महत्वपूर्ण कारोबारी समय में आम लोगों की सुविधा और व्यापारियों की आजीविका को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अब देखना यह है कि भाजपा इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और पदयात्रा की तारीख या मार्ग में कोई बदलाव होता है या नहीं।

