इंदौर के केंद्रीय संग्रहालय को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। शहर का सेंट्रल म्यूजियम इस सप्ताह से अगले 157 दिन तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। संग्रहालय में चल रहे विकास और सौंदर्यीकरण के कामों को तेज गति देने के लिए यह कदम उठाया गया है। पर्यटन विभाग की मांग पर पुरातत्व विभाग ने बंदी को मंजूरी दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 12.75 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, और पिछले कई महीनों से यहां जीर्णोद्धार का काम चल रहा था।
31 मार्च 2027 तक बंद रहने की संभावना
काम कर रही एजेंसी ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए संग्रहालय को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद रखने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। मौजूदा योजना के अनुसार यह संग्रहालय संभवतः 31 मार्च 2027 तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। बंदी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अंदर चल रहे काम तेज गति से पूरे हो सकेंगे, और आगामी सिंहस्थ से पहले यह संग्रहालय अंतरराष्ट्रीय मानकों की आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर तैयार हो जाएगा।
एक साथ चल रहे कई विकास कार्य
संग्रहालय के सौंदर्यीकरण की शुरुआत बाउंड्रीवाल के निर्माण से हुई थी। इसके बाद यहां लिफ्ट, बाथरूम, कैफेटेरिया, स्टोर और रैंप सहित कई निर्माण कार्य शुरू किए गए। इन विकास कार्यों के तहत कुछ लंबे समय से बंद पड़ी गैलरियां भी बिल्कुल नए स्वरूप में पर्यटकों को देखने को मिलेंगी। काम पूरा होने के बाद संग्रहालय को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, ताकि पर्यटक यहां रखी प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में आसानी से जानकारी हासिल कर सकें।
मालवा-निमाड़ की संस्कृति का इंटरप्रिटेशन सेंटर
मालवा-निमाड़ क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए यहां इंटरप्रिटेशन सेंटर, सोवेनियर शॉप, आधुनिक डिस्प्ले, आकर्षक लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे, तकनीक आधारित सूचना केंद्र, रेस्ट रूम और सुंदर गार्डन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही ऑडिटोरियम और एक्जीबिशन हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, जबकि धरोहरों के सुरक्षित रखरखाव के लिए स्टोरेज रूम को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
पर्यटकों की सुरक्षा भी एक वजह
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से संग्रहालय को बंद करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिसे उच्च मुख्यालय को भेजा गया था। वर्तमान में पर्यटकों की लगातार आवाजाही के कारण अंदर चल रहे निर्माण कार्यों की रफ्तार काफी धीमी हो रही थी, और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी संभावित खतरा बना हुआ था। इन्हीं सुरक्षा कारणों और कामों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से इसे बंद रखने का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई गईं प्राचीन मूर्तियां
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संग्रहालय के आंतरिक बरामदे में स्थापित प्राचीनकालीन प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था, ताकि इन अतिप्राचीन और अमूल्य मूर्तियों को किसी भी तरह की क्षति न पहुंचे। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए कई प्राचीन और भारी-भरकम मूर्तियों को सुरक्षित बाहर हटवाया था। सिंहस्थ से पहले जब यह संग्रहालय नए रूप में खुलेगा, तो पर्यटकों को यहां इतिहास और आधुनिक सुविधाओं का एक साथ अनुभव मिलेगा।

