दीपावली की रौनक के बीच इंदौर के छोटा गणपति क्षेत्र के व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। मेट्रो के भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए इस क्षेत्र की एक सड़क बंद कर दी गई है और वहां खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने रास्ता बंद कर निर्माण कार्य शुरू करवाया है, जिस पर स्थानीय व्यापारियों ने कड़ा विरोध जताया है। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय मार्ग बंद करना उनके कारोबार को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाएगा। त्योहार के दिनों में बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन रास्ता बंद होने से ग्राहक क्षेत्र तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं।

दीयों की दुकानें लगाने वाली महिलाओं का विरोध
जिस मार्ग को बंद किया गया है, वहां सड़क किनारे फुटपाथ पर महिलाएं दीपावली के दीये और पूजन सामग्री की दुकानें लगाती हैं। त्योहार के समय ये अस्थायी दुकानें ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन होती हैं। रास्ता बंद किए जाने के बाद इन महिलाओं ने भी एकत्र होकर इसका विरोध किया, लेकिन मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। महिलाओं का कहना है कि दीपावली से ठीक पहले रास्ता बंद होने से उनकी दुकानदारी पूरी तरह ठप हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की थी कि त्योहार के बाद खुदाई की जाए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
व्यापारी बोले — त्योहार पर रास्ता बंद करना समझ से परे
व्यापारी शेखर गिरी ने कहा कि मल्हारगंज और छोटा गणपति शहर के पुराने व्यापारिक क्षेत्र हैं और यहां दीपावली पर भारी भीड़ होती है। ऐसे में बड़े त्योहार के समय मार्ग बंद करना समझ से परे है। व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य करने वाली ठेकेदार एजेंसियां दूसरे शहरों की हैं और उनके कर्मचारी शहर की तासीर तथा यहां के व्यापारिक माहौल को नहीं समझते। यही वजह है कि दीपावली के समय ही सड़क बंद कर दी गई। इससे त्योहार के दौरान कारोबार प्रभावित होगा। गुरुवार को ही कई ग्राहकों को रास्ता बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि सड़क की खुदाई का काम त्योहार के बाद भी किया जा सकता था।
90 मीटर टनल बन चुकी, टीबीएम का नाम नर्मदा
इंदौर के एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत मेट्रो का काम करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हुआ था। इसके लिए जमीन से लगभग 20 मीटर नीचे खुदाई करने वाली टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मशीन का नाम नर्मदा रखा गया है। अब तक करीब 90 मीटर लंबी टनल बनाई जा चुकी है। भूमिगत मेट्रो के तहत अगले दो वर्षों में करीब आठ किलोमीटर लंबा भूमिगत रूट तैयार किया जाना है। इसके लिए शहर में तीन स्थानों पर भूमिगत स्टेशन का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। छोटा गणपति क्षेत्र इन्हीं स्टेशनों में से एक के दायरे में आता है। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहार के बाद निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल वे दीपावली के सीजन में हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

