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Friday, October 16, 2026
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इंदौर: सिपाही के पास 568% ज्यादा संपत्ति, लोकायुक्त ने 14 ठिकानों पर मारा छापा

इंदौर में लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को एक ऐसी कार्रवाई की, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिला दिया। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में तैनात प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के ठिकानों पर सुबह से लेकर देर रात तक छापेमारी चलती रही। छापे में सामने आई संपत्ति का ब्योरा देखकर खुद जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोप है कि सिपाही ने अपनी वैध आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति बना रखी थी।

14 ठिकानों पर एक साथ छापा

लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने एक साथ कुल 14 अलग-अलग स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। इनमें देवास के आदर्श नगर स्थित आवास गृह संख्या 12 बी भी शामिल था। यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों की गहन जांच के तहत की गई। देवास और इंदौर स्थित आवासों पर बुधवार देर रात तक सर्चिंग जारी रही, जबकि बाकी स्थानों पर कार्रवाई पूरी कर ली गई।

आय से 568 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति

पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि जांच में आरोपी की कुल वैध आय 1,93,84,440 रुपये आंकी गई है। इसमें वेतन से मिली अनुमानित आय करीब 75 लाख रुपये शामिल है। इसके विपरीत, आरोपी ने चल और अचल संपत्ति खरीदने पर करीब 12,95,72,028 रुपये खर्च किए। यानी वैध आय से करीब 11,01,87,588 रुपये ज्यादा खर्च सामने आया, जो आय का लगभग 568 प्रतिशत अधिक है।

33 अचल संपत्तियां और 9 गाड़ियां मिलीं

सर्च के दौरान कुल 33 अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। ये संपत्तियां आरोपी के खुद के नाम के अलावा पत्नी, मां, परिचित महिला रोशनी वर्मा, साहिल ट्रेडिंग कंपनी और कुछ बेनामी नामों पर हैं। इनकी खरीद पर 11,57,49,818 रुपये खर्च किए गए, जबकि इनका मौजूदा बाजार मूल्य करीब 29,73,18,768 रुपये आंका गया है। इसके अलावा रोशनी वर्मा के नाम पर आवेदक के पिता से करीब 21.75 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी करवाया गया था।

जांच में ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल समेत कुल 9 वाहनों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इंदौर, उज्जैन और देवास के विभिन्न बैंकों में आरोपी के नाम से करीब 21 बैंक खाते मिले हैं। साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल स्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियां भी संचालित की जा रही थीं। फिलहाल सभी बैंक खातों से पैसों के आहरण पर रोक लगा दी गई है और खातों का विवरण जुटाया जा रहा है। लोकायुक्त का मानना है कि इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़े कई और राज खुल सकते हैं।

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