इंदौर के महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में अब मेडिकल के ज्यादा विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकेंगे। कॉलेज में नई 39 सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या 283 से बढ़कर 322 हो गई है। सबसे ज्यादा 12 सीटें मेडिसिन विभाग को मिली हैं। यह खबर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के साथ-साथ शहर के मरीजों के लिए भी राहत भरी मानी जा रही है।

किन विभागों को कितनी सीटें मिलीं
नई 39 सीटों में से 12 मेडिसिन विभाग, 9 पैथोलॉजी और 5 ऑर्थोपेडिक्स विभाग को मिली हैं। इसके अलावा सर्जरी, एनाटॉमी और फॉरेंसिक मेडिसिन सहित कुल 9 विभागों में नई सीटें बढ़ाई गई हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, सीटों के इस विस्तार से हर विभाग में पढ़ाई और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सकेगा। विद्यार्थियों को अपने विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।
इंदौर का MGM क्यों है विद्यार्थियों की पहली पसंद
मेडिकल के विद्यार्थी इंदौर के इस कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन करने को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि यहां दूसरे मेडिकल कॉलेजों की तुलना में अधिक सुविधाएं हैं। प्रदेश के किसी अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक साथ इतनी सीटें कभी नहीं बढ़ी हैं। यही वजह है कि इस फैसले को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
लंबे समय से हो रही थी मांग
पहले मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों की संख्या 283 थी। लंबे समय से सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सरकार को प्रस्ताव सौंपा था। प्रबंधन ने नेशनल मेडिकल कमीशन के निर्धारित मापदंडों को भी पूरा किया, जिसके बाद सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
मरीजों को भी मिलेगा फायदा
नई सीटों के अनुपात में कॉलेज में जरूरी सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। सीटें बढ़ने का फायदा मरीजों को भी मिलेगा। कॉलेज में अध्ययनरत पीजी विद्यार्थी एमवाय अस्पताल में मरीजों का इलाज भी करते हैं। ऑर्थोपेडिक्स और सर्जरी विभाग में सीटें बढ़ने से अस्पताल में होने वाले ऑपरेशनों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। इससे मरीजों को जल्दी और बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है।

