इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक आज, सोमवार से शुरू हो रही है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सुबह नौ बजे इस बैठक का विधिवत शुभारंभ करेंगे। देशभर से आए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इस मंथन में हिस्सा लेंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित सभी छह सह सरकार्यवाह पहले ही इंदौर पहुंच चुके हैं। आयोजन स्थल को भगवा ध्वजों से सजाया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

शताब्दी वर्ष की समीक्षा और भविष्य की रूपरेखा
इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान चलाए गए अभियानों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही संगठन के राष्ट्रव्यापी विस्तार की आगामी कार्ययोजना तय होगी। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने 31 अक्टूबर को प्रेस वार्ता में बताया था कि शताब्दी वर्ष में देशभर में हुए संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक संपर्क और सेवा कार्यों के अनुभवों को अब भविष्य की योजना में ढाला जाएगा। बैठक में देशभर से आए 408 प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।
संगठन के नए ढांचे पर अंतिम फैसला संभव
बैठक का एक अहम एजेंडा संघ के संगठनात्मक पुनर्गठन से जुड़ा है। नए ढांचे को लेकर पहले भी चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बैठक में उसकी अंतिम रूपरेखा तय होने की संभावना है। आगामी वर्ष मार्च में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पहले नया ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद उसी के अनुरूप जिला, विभाग, प्रांत, क्षेत्र और अखिल भारतीय स्तर पर चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किन विषयों पर होगा विमर्श
बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के मौजूदा हालात, सामाजिक जागरूकता, डिजिटल माध्यमों के असर, युवाओं की भागीदारी और नशामुक्त भारत अभियान जैसे समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा होगी। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। साथ ही ‘पंच परिवर्तन’ के विषयों — सामाजिक समरसता, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, ‘स्व’ का भाव और नागरिक कर्तव्य — को समाज की विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से आगे बढ़ाने की दिशा तय की जाएगी।
विस्तार का आकलन भी एजेंडे में
हिंदू सम्मेलनों, गृह संपर्क अभियान, सेवा कार्यों में समाज की भागीदारी और युवाओं तथा महिलाओं के बीच बढ़े संपर्क का आकलन भी बैठक में किया जाएगा। हाल के वर्षों में देशभर में दैनिक शाखाओं की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है, जिसे संगठन के विस्तार का बड़ा संकेत माना जा रहा है। बैठक का समापन 4 नवंबर को होगा, जब सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले प्रेस वार्ता में बैठक की पूरी जानकारी देंगे। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की पूर्णता के बाद हो रही यह पहली बैठक संघ की आगामी दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

