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Saturday, November 7, 2026
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कैंसर कोशिकाओं को ही हथियार बनाया: जापानी वैज्ञानिकों की खोज से इलाज में नई उम्मीद

जापान के वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज की दिशा में एक अनोखी खोज की है। उन्होंने कैंसर कोशिकाओं की एक खासियत को ही उसके खिलाफ हथियार बना दिया है। इस नई तकनीक में कैंसर कोशिकाओं में बड़ी मात्रा में बनने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का इस्तेमाल करके उन्हीं कोशिकाओं के अंदर कैंसर को खत्म करने वाले रसायन तैयार किए जाते हैं। यह शोध प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है।

कार्बन मोनोऑक्साइड से बनेगी दवा

इस शोध का नेतृत्व जापान के रिकेन पायनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के कात्सुनोरी तनाका ने किया है। उनकी टीम की रणनीति यह है कि कोशिकाओं के अंदर एक धातु आधारित उत्प्रेरक पहुंचाया जाए, जो उपलब्ध कार्बन मोनोऑक्साइड को रासायनिक ईंधन की तरह इस्तेमाल करके कैंसर रोधी पदार्थ बना दे। कार्बन मोनोऑक्साइड आमतौर पर अपनी जहरीली प्रकृति के लिए जानी जाती है, लेकिन मानव शरीर में यह छोटी मात्रा में स्वाभाविक रूप से भी बनती है। कैंसर कोशिकाओं में यह गैस अधिक मात्रा में बनती है, इसलिए यह प्रतिक्रिया मुख्य रूप से कैंसर कोशिकाओं में ही सक्रिय होगी, स्वस्थ ऊतकों में नहीं।

प्रयोगशाला में क्या नतीजे मिले

प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों में इस तकनीक ने कई तरह की कैंसर कोशिकाओं के अंदर जहरीले यौगिक सफलतापूर्वक तैयार किए, जबकि कैंसर से मुक्त कोशिका में उसी यौगिक का कोई पता लगाने योग्य उत्पादन नहीं हुआ। यह नतीजा इसलिए अहम है, क्योंकि कैंसर के इलाज की सबसे बड़ी चुनौती यही रही है कि कैंसर को मारने वाली दवाएं अक्सर स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाती हैं। कीमोथेरेपी में यही वजह है कि मरीजों को मतली, थकान, बाल झड़ना और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने जैसे गंभीर दुष्प्रभाव झेलने पड़ते हैं।

अभी शुरुआती दौर में है शोध

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती प्रयोगात्मक दौर में है, लेकिन यह कैंसर के इलाज में एक नई दिशा खोल सकती है। यह शोध विज्ञान की एक उभरती शाखा का हिस्सा है, जिसे थेराप्यूटिक इन विवो सिंथेटिक केमिस्ट्री कहा जाता है। इस शाखा का लक्ष्य जीवित शरीर के अंदर रासायनिक प्रतिक्रियाओं के जरिए ठीक वहीं दवा बनाना है, जहां उसकी जरूरत है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर यह तकनीक आगे के परीक्षणों में सफल रहती है, तो भविष्य में कैंसर का इलाज ज्यादा सटीक और कम दुष्प्रभाव वाला हो सकता है।

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