नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में अपने नेक्स्ट-जनरेशन AI वियरेबल्स पेश कर सबका ध्यान खींचा। कंपनी ने अपनी पर्सनल AI वियरेबल रेंज में कैमरा ग्लास, ऑडियो ग्लास और ईयरफोन दिखाए। इनमें स्कैन एंड पे, AI वॉयस असिस्टेंट, कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और लाइव क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स दिए गए हैं। मार्वल की फिल्मों में आयरन मैन का स्मार्ट चश्मा तो आपने देखा ही होगा, जो एक आदेश पर हर जानकारी उपलब्ध करा देता है — जियो का यह प्रोडक्ट उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


स्कैन एंड पे: चश्मे से होगा UPI पेमेंट
इस प्रोडक्ट का सबसे दिलचस्प फीचर स्कैन एंड पे है। मतलब अब पेमेंट के लिए मोबाइल जेब से निकालने की जरूरत नहीं होगी। सामने QR कोड हो तो चश्मा पहनकर ही पेमेंट हो जाएगा। जियो के इस कैमरा ग्लास में लगा कैमरा UPI QR कोड को स्कैन करेगा, यूजर वॉयस कमांड देगा और कन्फर्मेशन के बाद पेमेंट पूरा हो जाएगा। UPI सर्कल के नियमों के तहत एक बार में 5,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा, जबकि इस सिस्टम से हर महीने 15,000 रुपये तक UPI भुगतान की सीमा तय है। यह सीमा जियो की नहीं, बल्कि UPI सर्कल के नियमों के तहत निर्धारित है।
दुकान पर पेमेंट होगा आसान
कंपनी के मुताबिक, इस ग्लास से दुकान पर पेमेंट करते वक्त मोबाइल निकालने, अनलॉक करने, ऐप खोलने और QR स्कैन करने जैसे कई स्टेप कम हो जाएंगे। यहां AI सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि यूजर की कमांड पर काम करने वाली टेक्नोलॉजी बन जाता है। जियो की कोशिश AI को मोबाइल स्क्रीन और कीबोर्ड से निकालकर आवाज और रोजमर्रा के इस्तेमाल से जोड़ने की है।
लाइव ट्रांसलेशन से टूटेगी भाषा की दीवार
जियो AI ग्लास का दूसरा बड़ा इस्तेमाल लाइव ट्रांसलेशन है। अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले दो लोग इस वियरेबल डिवाइस की मदद से एक-दूसरे की बात समझ सकेंगे। आप अपनी भाषा में बोलिए, सामने वाला अपनी भाषा में — बीच का काम AI संभालेगा। कंपनी का कहना है कि इसका खास जोर वॉयस और भारतीय भाषाओं पर है, ताकि यूजर अपनी भाषा में AI और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सके।
मीटिंग नोट्स से क्रिकेट कमेंट्री तक
जियो का मानना है कि बात सिर्फ पेमेंट और ट्रांसलेशन तक नहीं रुकती। मीटिंग में कोई जरूरी बात छूट न जाए, इसके लिए AI नोट टेकिंग का फीचर दिया गया है। वहीं, चलते-फिरते मैच से जुड़े रहने के लिए लाइव क्रिकेट कमेंट्री भी मिलेगी। यानी ऑफिस की मीटिंग हो या क्रिकेट का रोमांच, बार-बार मोबाइल देखने की जरूरत कम होगी। कंपनी के मुताबिक इन वियरेबल्स का मकसद AI के जरिये प्रोडक्टिविटी और नॉलेज बढ़ाने के साथ रोजमर्रा के काम आसान करना है।
भारतीय यूजर के ज्यादा करीब
स्मार्ट ग्लासेस का आइडिया नया नहीं है, लेकिन UPI पेमेंट, भारतीय भाषाएं, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स इसे भारतीय यूजर के ज्यादा करीब लाते हैं। यह शोकेस वियरेबल टेक के अगले दौर की झलक देता है, जहां AI स्क्रीन से निकलकर रोजमर्रा की जिंदगी में उतरता दिख रहा है।


