मुंबई। घरेलू शेयर बाजार के लिए बीता कारोबारी सप्ताह बढ़त भरा रहा। पांच में से तीन कारोबारी सत्रों में तेजी और दो सत्रों में गिरावट के बावजूद सप्ताह के अंत में प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 562.63 अंक यानी 0.78 प्रतिशत चढ़कर 72,472.33 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 98.50 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ 22,520.45 अंक पर पहुंच गया।


मिडकैप-स्मॉलकैप का मिला-जुला प्रदर्शन
बड़े शेयरों के मुकाबले मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक सप्ताह के दौरान 0.32 प्रतिशत गिर गया, जबकि छोटी कंपनियों के निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 0.50 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यानी बाजार की तेजी का फायदा सभी वर्गों को एक जैसा नहीं मिला।
ट्रेंट सबसे आगे, बीईएल सबसे पीछे
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 15 के शेयरों में साप्ताहिक तेजी रही, जबकि 15 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सकारात्मक तिमाही आंकड़ों के दम पर टाटा समूह की खुदरा कंपनी ट्रेंट का शेयर 12.42 प्रतिशत चढ़कर सबसे अधिक लाभ में रहा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 4.84 प्रतिशत, टीसीएस 4.03 प्रतिशत, भारती एयरटेल 3.77 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 3.72 प्रतिशत मजबूत हुआ। एक्सिस बैंक 3.71 प्रतिशत, आईटीसी 3.58 प्रतिशत और इटरनल का शेयर 3.14 प्रतिशत चढ़ा।
दूसरी ओर, बीईएल का शेयर 3.91 प्रतिशत टूटकर सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शीर्ष पर रहा। टाटा स्टील में 3.07 प्रतिशत, सन फार्मा में 2.93 प्रतिशत, टाइटन में 2.84 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में 2.55 प्रतिशत की गिरावट आई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर भी 2.34 प्रतिशत कमजोर हुआ।
अगले सप्ताह के बड़े ट्रिगर
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजों और खुदरा एवं थोक महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, विप्रो, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों के परिणाम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे।
नतीजों के सीजन में क्या देखें
तिमाही नतीजों के इस दौर में कंपनियों की कमाई के रुझान और प्रबंधन की आगे की गाइडेंस पर बाजार की पैनी नजर रहेगी। खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों को भी दिशा देंगे, इसलिए निवेशक इन दोनों मोर्चों पर बारीकी से नजर रखेंगे।


