मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से आठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल किया है। जारी किए गए नए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस फेरबदल में पुलिस महानिदेशक के पीएसओ पद पर तैनात अधिकारियों सहित कई वरिष्ठ अफसरों के विभाग बदल दिए गए हैं। सबसे प्रमुख बदलाव डीजीपी के पीएसओ पद पर हुआ है, जहां अब 2009 बैच के डीआईजी अवधेश कुमार गोस्वामी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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डीजीपी के नए पीएसओ बने अवधेश गोस्वामी, विनीत कपूर को साइबर की कमान
पुलिस महानिदेशक के पीएसओ पद की जिम्मेदारी अब 2009 बैच के डीआईजी अवधेश कुमार गोस्वामी संभालेंगे। वे इससे पहले कल्याण एवं लेखा विभाग की देखरेख कर रहे थे। उन्हें पीएसओ के दायित्व के साथ-साथ नारकोटिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं, 2010 बैच के डीआईजी विनीत कपूर को पीएसओ के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें साइबर और सामुदायिक पुलिसिंग की कमान सौंपी गई है। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच यह जिम्मेदारी खास तौर पर अहम मानी जा रही है।
डीआईजी स्तर पर तीन और विभाग बदले
डीआईजी स्तर के अधिकारियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है। अजाक विभाग में तैनात 2009 बैच के डीआईजी संतोष सिंह गौर को अब पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) भेजा गया है। पीटीआरआई में तैनात 2009 बैच के ही डीआईजी तुषार कांत विद्यार्थी को विसबल मुख्यालय की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में पदस्थ 2012 बैच के डीआईजी रघुवंश कुमार सिंह को अब कल्याण एवं लेखा विभाग का प्रभार दिया गया है। यानी गोस्वामी के जाने से खाली हुआ कल्याण एवं लेखा विभाग अब रघुवंश कुमार सिंह संभालेंगे।
एआईजी स्तर पर भी तीन अफसरों की नई तैनाती
पुलिस मुख्यालय ने सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) स्तर के अफसरों के पदस्थापन में भी परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 बैच के एआईजी साई कृष्ण थोटा को पुलिस मुख्यालय से स्थानांतरित करके एआईजी साइबर के पद पर नियुक्त किया गया है। वर्ष 2017 बैच के एआईजी पुनीत गहलोद को एआईजी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही 2019 बैच के एआईजी शशांक को पुलिस मुख्यालय से विशेष शाखा में एआईजी (जी) के पद पर तैनात किया गया है। कुल मिलाकर, एक ही आदेश में डीआईजी और एआईजी स्तर के आठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जिससे पुलिस मुख्यालय की कार्यप्रणाली में नया समीकरण बन गया है.

