राजकोट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप-बी मुकाबले के दूसरे दिन (सोमवार, 12 अक्टूबर) रवींद्र जडेजा ने धैर्यवान पारी खेलते हुए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट का 16वां शतक पूरा किया। सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए जडेजा ने 209 गेंदों का सामना करके 102 रन बनाए, जिसमें सात चौके शामिल रहे। उनकी यह पारी ऐसे समय आई जब सौराष्ट्र मुश्किल स्थिति में था और उसे एक अनुभवी बल्लेबाज से बड़ी पारी की सख्त जरूरत थी।


## मांकड़ के साथ 205 रनों की अहम साझेदारी
जडेजा तब क्रीज पर आए जब सौराष्ट्र ने 120 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 151 के स्कोर पर एक और विकेट गिरा, जिससे टीम पर दबाव और बढ़ गया। लेकिन जडेजा ने प्रेरक मांकड़ के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 205 रनों की निर्णायक साझेदारी की और पारी को पूरी तरह संभाल लिया। मांकड़ ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 150 गेंदों पर 129 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दोनों की इस साझेदारी ने सौराष्ट्र को पांच विकेट पर 356 रनों तक पहुंचा दिया। सलामी बल्लेबाज चिराग जानी ने भी 148 गेंदों पर 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 83 रनों की उपयोगी पारी खेली, हालांकि वे शतक से चूक गए।
## जडेजा को जडेजा ने ही किया आउट
इस मुकाबले की सबसे दिलचस्प कहानी जडेजा के विकेट की रही। शतक पूरा करने के बाद रवींद्र जडेजा ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और छत्तीसगढ़ की ओर से खेल रहे धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने उन्हें कॉट एंड बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। धर्मेंद्र सिंह कभी सौराष्ट्र के लिए रवींद्र जडेजा के साथ ही खेला करते थे, लेकिन अब दोनों अलग-अलग टीमों की ओर से आमने-सामने हैं। जडेजा के आउट होते ही सौराष्ट्र की पहली पारी 392 रनों पर सिमट गई। अब छत्तीसगढ़ के बल्लेबाजों पर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी, जबकि सौराष्ट्र के गेंदबाज पहली पारी की बढ़त के इरादे से उतरेंगे।
## न्यूजीलैंड दौरे से पहले फॉर्म का बड़ा संकेत
जडेजा की यह पारी भारत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे से ठीक पहले आई है, जहां अगले महीने दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। इस सीरीज की तैयारी के लिए टीम के सभी अहम खिलाड़ी फिलहाल रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं। जडेजा हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा थे और न्यूजीलैंड दौरे पर उनका चुना जाना तय माना जा रहा है। विदेशी धरती पर जडेजा टीम के मुख्य स्पिनर के साथ-साथ अहम ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं, इसलिए रणजी ट्रॉफी में यह शतक उनके रेड-बॉल फॉर्म का बड़ा संकेत है।


