अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी में जोरदार वापसी की है। 38 साल के उमेश इस बार नई टीम पंजाब की ओर से खेल रहे हैं और अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने असम के खिलाफ एक पारी में पांच विकेट झटककर सबको अपनी फिटनेस और फॉर्म का सबूत दे दिया। न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे इस रणजी ट्रॉफी 2026-27 के ग्रुप मुकाबले के दूसरे दिन तक उमेश की गेंदबाजी की बदौलत पंजाब ने असम की पहली पारी को 373 रनों पर समेट दिया। उमेश ने दिसंबर 2024 के बाद अपना पहला रणजी मैच खेलते हुए दो दिन में कुल 24 ओवर फेंके और 70 रन देकर पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। यह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनके करियर का 16वां मौका है जब उन्होंने एक पारी में पांच विकेट लिए हैं।


पहले ही दिन से लय में दिखे उमेश
उमेश ने इस मुकाबले के पहले ही दिन से अपनी लय पकड़ ली थी। उन्होंने असम के सलामी बल्लेबाज ऋषभ दास को बिना खाता खोले आउट किया और फिर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए राजवीर सिंह को भी वापस भेज दिया। सोमवार को दूसरे दिन उन्होंने असम के निचले क्रम के बल्लेबाजों अमलान ज्योति दास, मुख्तार हुसैन और मोहित ठाकुर को आउट करके पंजाब को असम को 400 के अंदर रोकने में बड़ी मदद की। असम की पारी को आगे बढ़ाने में कप्तान दानिश दास और शिबशंकर रॉय के शतकों का बड़ा हाथ रहा। दानिश ने 186 गेंदों में 103 रन बनाए, जबकि शिबशंकर रॉय 143 रन बनाकर नाबाद लौटे। इसके बावजूद असम की पूरी टीम 117 ओवरों में 373 रन ही बना सकी।
24 ओवर, 7 मेडन और पांच विकेट
उमेश ने इस पारी में 24 ओवर फेंके, जिनमें सात मेडन ओवर भी शामिल रहे। उन्होंने महज 70 रन खर्च करते हुए पांच अहम विकेट हासिल किए। उनके साथ पंजाब के 26 साल के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने भी 23 ओवर फेंके और दोनों ने मिलकर असम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाए रखा। पंजाब की ओर से गुरनूर बराड़ और इमोनजोत सिंह चहल ने दो-दो विकेट लिए, जबकि हरप्रीत बराड़ को एक सफलता मिली। उमेश और गुरनूर की जोड़ी ने असम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका, वरना दो शतकीय पारियों के बाद असम का स्कोर 400 के पार जाना तय लग रहा था।
फर्स्ट-क्लास करियर और पंजाब का फैसला
उमेश यादव अब तक 124 फर्स्ट-क्लास मैच खेल चुके हैं। इनमें उन्होंने 226 पारियों में 29.71 के औसत से 380 विकेट हासिल किए हैं और एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 48 रन देकर सात विकेट रहा है। विदर्भ छोड़ने के बाद कई लोगों को लग रहा था कि उमेश अब किसी कमजोर टीम से खेलेंगे, लेकिन उन्होंने साफ किया था कि वह किसी ऐसी मजबूत टीम से खेलना चाहते हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रही हो। इसी सोच के साथ उन्होंने पंजाब का दामन थामा और पहले ही मैच में पांच विकेट लेकर अपने फैसले को सही साबित कर दिया।


