ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Hero Motors ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद यह कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है, और आंकड़ों ने निवेशकों को खुश कर दिया। बुधवार को नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 8 प्रतिशत की तेजी आई और भाव 168 रुपये तक पहुंच गया।


मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा
सितंबर तिमाही में Hero Motors का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10.2 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 4.74 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में 115.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 319.3 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 255.7 करोड़ रुपये था। कुल आय 22 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 322.64 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल खर्च 19 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 307.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग है। पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 31 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिस पर बाजार की नजर रहेगी।
ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा सबसे मजबूत
इस तिमाही में कंपनी की सबसे बड़ी खासियत उसका ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा। EBITDA सालाना आधार पर 92 प्रतिशत बढ़कर 35.9 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 18.7 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 7.3 प्रतिशत से सुधरकर 11.3 प्रतिशत पर पहुंच गया, यानी करीब 400 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। यह दिखाता है कि कंपनी ने सिर्फ बिक्री ही नहीं बढ़ाई, बल्कि कामकाज की दक्षता में भी अच्छा सुधार किया है।
ब्रिटेन की Hewland में हिस्सेदारी बढ़ेगी
नतीजों के साथ कंपनी ने ब्रिटेन की अपनी सब्सिडियरी Hewland Engineering में हिस्सेदारी बढ़ाने का भी ऐलान किया है। Hero Motors करीब 0.60 मिलियन पाउंड (लगभग 6 लाख पाउंड) में अतिरिक्त 39 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के बाद Hewland में कंपनी की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो जाएगी। सौदा करीब छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है और इसके लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की जरूरत नहीं है। Hewland Engineering परफॉर्मेंस ऑटोमोबाइल, मोटरस्पोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहन और एयरोस्पेस उद्योग के लिए ट्रांसमिशन और ड्राइवट्रेन कंपोनेंट्स डिजाइन और बनाती है।
IPO के बाद शेयर में 118% से ज्यादा तेजी
Hero Motors का शेयर सितंबर के आखिर में बाजार में कमजोर शुरुआत के साथ उतरा था। 84 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले यह 82 रुपये पर लिस्ट हुआ था। लेकिन इसके बाद शेयर में जबरदस्त तेजी आई और 5 अक्टूबर को यह 178.84 रुपये के 52-सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गया। कंपनी का 1,000 करोड़ रुपये का IPO करीब 7 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें NII हिस्सा 9.86 गुना और रिटेल हिस्सा 8 गुना से अधिक भरा था। रिकॉर्ड हाई से शेयर करीब 13 प्रतिशत नीचे आ चुका था और मंगलवार को 155.19 रुपये पर बंद हुआ था। बुधवार की तेजी के बाद अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी का बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन आगे भी कायम रहता है या नहीं।
नोट: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह के रूप में न लें। शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


