राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशभर में अपनी शाखाओं का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इंदौर में चल रही संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान में देश के एक लाख से अधिक स्थानों पर संघ की शाखाएं चल रही हैं। अब इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। संघ का मानना है कि शाखा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए युवा और किशोर वर्ग संगठन से जुड़ता है। इसी सोच के साथ आने वाले वर्ष में शाखा विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
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## बैठक में कौन-कौन शामिल
सोमवार से शुरू हुई इस बैठक में संघ के सभी 11 क्षेत्रों के क्षेत्र संघचालक, क्षेत्र कार्यवाह और क्षेत्र प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह और प्रांत प्रचारक भी मौजूद हैं। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी बैठक में शामिल हैं। संघ से जुड़े अनुषांगिक संगठनों के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि अनुषांगिक संगठनों की संख्या बढ़ाई जाए या नहीं।
## पंच परिवर्तन और पुराने कार्यों की समीक्षा
बैठक का एजेंडा सिर्फ शाखा विस्तार तक सीमित नहीं है। इसमें पंच परिवर्तन अभियान के क्रियान्वयन की प्रगति और पुराने कार्यों की समीक्षा भी हो रही है। पंच परिवर्तन के तहत संघ सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जनजागरण का काम कर रहा है। बैठक 4 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान संघ के शताब्दी वर्ष में हुए कार्यक्रमों का लेखा-जोखा भी लिया जाएगा।
## महापुरुषों की जयंतियां भी मनाएगा संघ
संघ देश में जनजागरण का संदेश देने वाले जननायकों की जयंतियां भी मनाने की तैयारी में है। इस वर्ष राजनारायण बोस की 200वीं जयंती, स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। साथ ही वेदांत केसरी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्मशताब्दी भी मनाई जा रही है। इन अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इंदौर में हो रही यह बैठक संघ के आगामी वर्ष की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है, क्योंकि इसमें संगठन विस्तार और सामाजिक अभियानों की रूपरेखा पर अंतिम मुहर लगेगी।

