मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को नई उड़ान देने के लिए शुक्रवार को इंदौर में दो दिवसीय सेमीकंडक्टर समिट का आयोजन होने जा रहा है। इस समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे और प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। निवेशकों और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी होंगी, जिनमें प्रदेश में निवेश, तकनीकी साझेदारी और सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
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देश-विदेश की कंपनियों का जमावड़ा
दो दिवसीय समिट में देश-विदेश की सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, बड़े निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। आठ पैनल चर्चाओं के साथ राउंड टेबल बैठकों और मुख्य व्याख्यानों का भी आयोजन किया जाएगा।
50 से ज्यादा कंपनियों की प्रदर्शनी
समिट के दौरान लगने वाली प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमताओं, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगी। यह प्रदर्शनी सेमीकंडक्टर सेक्टर में प्रदेश की तैयारियों और संभावनाओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच साबित होगी। युवा इंजीनियरों और छात्रों के लिए भी यह आयोजन उद्योग की नवीनतम तकनीकों को करीब से समझने का अवसर देगा।
पहले दिन पैकेजिंग-टेस्टिंग हब पर फोकस
समिट के पहले दिन मध्य प्रदेश को पैकेजिंग और टेस्टिंग हब के रूप में विकसित करने, इकोसिस्टम के निर्माण और सेमीकंडक्टर विनिर्माण जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएं होंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, फैबलेस उत्पादों और बौद्धिक संपदा से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रमुख शिक्षण संस्थानों के निदेशकों और कुलपतियों के साथ राउंड टेबल बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
उद्योग-शिक्षा-शोध का त्रिवेणी संगम
इन बैठकों में उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार होगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर का पूरा इकोसिस्टम बने, ताकि डिजाइन से लेकर पैकेजिंग-टेस्टिंग तक की सुविधा यहां उपलब्ध हो सके। समिट के जरिए प्रदेश निवेशकों को अपनी नीति, जमीन और संसाधनों की उपलब्धता का भरोसा देगा, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
एमपी की बढ़ती औद्योगिक भूमिका
इंदौर पहले से ही आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मजबूत स्थिति रखता है। सेमीकंडक्टर समिट के जरिए सरकार प्रदेश को चिप डिजाइन और पैकेजिंग-टेस्टिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय नक्शे पर स्थापित करना चाहती है। निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों में प्रदेश में निवेश के ठोस प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनसे आने वाले समय में मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ हो सकता है।

