सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश के सात वकीलों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह फैसला कॉलेजियम की सोमवार को हुई बैठक में लिया गया। सिफारिश के बाद अब इन नामों पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके पूरा होने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को सात नए न्यायाधीश मिलेंगे। इससे अदालत में लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।

किन सात नामों पर लगी मुहर
कॉलेजियम ने जिन सात वकीलों के नामों की सिफारिश की है, उनमें इंदौर के डॉ. विवेक शरण और श्रीमती भक्ति व्यास के नाम शामिल हैं। इनके अलावा राजेश कुमार शुक्ला, कनक लता सिंह, श्रेयस पंडित, मृणाल मजूमदार और अविनाश जरगर को हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। इन सात नामों में दो नाम इंदौर से हैं, जो शहर के कानूनी जगत के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। इंदौर के कई वकील पहले भी कॉलेजियम के जरिए जज बन चुके हैं और शहर के कई अन्य वकील भी जज बनने के लिए प्रयासरत थे।
अब आगे क्या प्रक्रिया होगी
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से इन नामों को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन वकीलों की हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में विधिवत नियुक्ति होगी। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि राष्ट्रपति भवन से किन नामों को मंजूरी मिलती है। मंजूरी मिलते ही नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और नए न्यायाधीश अपना कार्यभार संभालेंगे।
इंदौर से दो वकीलों के नाम सामने आने के बाद शहर के अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से हाईकोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और न्याय प्रक्रिया को और गति मिलेगी।

