सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शनिवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बड़े हमले का निशाना बना। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए। हमले के तुरंत बाद सऊदी प्रशासन ने एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। भारत ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है।


मृतकों में कई देशों के नागरिक
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक जान गंवाने वालों में चार सऊदी नागरिक और बांग्लादेश के दो नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, जॉर्डन, फलस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र का एक-एक नागरिक भी मृतकों में है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की संख्या बढ़कर 309 तक पहुंच गई है, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
टर्मिनल के पास धमाके, उड़ानें पूरी तरह ठप
हमले के बाद एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के आसपास धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और कुछ देर तक धुआं उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में टर्मिनल के अंदर फर्श पर मलबा और धूल बिखरी नजर आई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने टर्मिनल की छत, खंभों और आंतरिक बनावट का उपलब्ध तस्वीरों से मिलान कर वीडियो के स्थान की पुष्टि की है। उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार शनिवार दोपहर एयरपोर्ट से न कोई विमान उड़ा और न ही कोई उतरा। रियाद आ रही कुछ उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया, जबकि कुछ विमान वापस लौट गए। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें।
एक हफ्ते में तीसरा हमला
शनिवार का यह हमला इस सप्ताह रियाद एयरपोर्ट पर हुआ तीसरा हमला बताया जा रहा है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के शुक्रवार के बयान के अनुसार गुरुवार को हुए दो हमलों में तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। हूती विद्रोहियों की ओर से हमले की जिम्मेदारी लिए जाने के बाद पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता गहरा गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बार-बार निशाना बनाया जाना यात्री सुरक्षा और वैश्विक उड़ान व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है।
अमेरिकी दूतावास ने जारी की चेतावनी
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने 10 अक्टूबर को सुरक्षा चेतावनी जारी कर अपने नागरिकों से किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और उसके आसपास के इलाकों से दूर रहने की अपील की। दूतावास ने उड़ानें रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में व्यवधान की आशंका जताई है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को इस एयरपोर्ट के इस्तेमाल के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही उड़ान संचालन सामान्य किया जाएगा।


