मुंबई। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन शुरुआती कारोबार में निफ्टी 44 अंक टूटकर 22,708 और सेंसेक्स 122 अंक टूटकर 73,484 पर खुला। इस गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 455.78 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बना रहा और निफ्टी 22,700 के नीचे फिसल गया।

सोमवार को चार दिन की गिरावट पर लगा था विराम
सोमवार को चार दिनों से जारी गिरावट पर विराम लगा था और अंत में निफ्टी 153 अंक मजबूत होकर 22,753 पर और सेंसेक्स 483 अंक मजबूत होकर 73,606 पर बंद हुआ था। मंगलवार की कमजोर शुरुआत के बावजूद फार्मा, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयर हरे निशान में बने रहे, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
निफ्टी के लिए 22,600 और 22,500 पर सपोर्ट
SAMCO Securities के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, सोमवार को निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाया था। टेक्निकल लिहाज से निफ्टी के लिए 22,600 पर पहला और फिर 22,500 पर दूसरा सपोर्ट है। वहीं, तेजी आने पर पहली रुकावट 22,800 पर है, जबकि अगली रुकावट 23,000 पर है, जो मनोवैज्ञानिक लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
क्रूड 115 डॉलर के करीब, ग्लोबल बाजार मजबूत
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बरकरार है, हालांकि बातचीत को लेकर भी कुछ संकेत मिल रहे हैं। यही वजह है कि लगातार दूसरे दिन क्रूड ऑयल पर दबाव है और यह इस समय 115 डॉलर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, ग्लोबल बाजार में मजबूती देखने को मिली है। अमेरिकी बाजार में चौतरफा खरीदारी हुई, जहां Anthropic के आईपीओ ऐलान से AI शेयरों में तेजी आई। डाओ 146 अंक और नैस्डैक 214 अंक चढ़कर बंद हुआ। एशियाई बाजार में भी तेजी है, जापान के निक्केई में करीब दो फीसदी और कोरिया के कोस्पी में करीब साढ़े चार फीसदी की मजबूती है।
इस हफ्ते फेड समेत तीन केंद्रीय बैंकों की बैठक
इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत तीन केंद्रीय बैंकों की पॉलिसी बैठक है। इस बैठक में इंटरेस्ट रेट, महंगाई और ग्रोथ आउटलुक को लेकर क्या बयान आता है, बाजार इस पर अपना रिएक्शन देगा। इसके अलावा, आज इजरायल में चुनाव है, जिसमें प्रधानमंत्री नेतन्याहू के भविष्य का फैसला होगा। 3 नवंबर को अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इस चुनाव के बाद ईरान पर हमला किया जाएगा। ऐसे में निकट अवधि में ट्रंप क्या बोलते हैं और क्या करते हैं, इससे क्रूड ऑयल को दिशा मिलेगी।

