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Friday, October 23, 2026
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शीतल देवी का डबल धमाका: एशियन पैरा गेम्स में दूसरा स्वर्ण, स्वाति ने रचा इतिहास

नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में भारत की तीरंदाज शीतल देवी ने गुरुवार को डबल धमाका किया। उन्होंने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा और मिश्रित टीम स्पर्धा — दोनों में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, स्वाति चौधरी ने महिला W1 श्रेणी में रजत जीतकर इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनने का इतिहास रचा।

Asian Para Games: शीतल देवी ने कंपाउंड व्यक्तिगत और मिश्रित टीम में दो स्वर्ण पदक जीते

व्यक्तिगत फाइनल: 4 अंक पिछड़कर शानदार वापसी

19 वर्षीय विश्व चैंपियन शीतल ने तनावपूर्ण क्षणों में धैर्य बनाए रखा और महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को 142-139 से हराया। शुरुआत में अलीम ने दो सेटों के बाद 4 अंक की बढ़त बना ली थी, लेकिन शीतल ने अगले दो सेटों में लगातार 10-10 अंक हासिल किए — इस बीच उन्होंने तीन एक्स (निशाने के केंद्र के सबसे करीब लगने वाले तीर) भी लगाए। अंतिम सेट में शीतल ने 27 अंक बनाए, जबकि अलीम 26 पर ही सिमट गईं।

मिश्रित टीम: क्वालीफाइंग में विश्व रिकॉर्ड, फाइनल में स्वर्ण

शीतल और तोमन कुमार ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी को 142-141 से हराने के बाद फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से पराजित किया। यह मिश्रित टीम वर्ग में शीतल का लगातार दूसरा एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण है — हांगझोउ 2023 में उन्होंने राकेश कुमार के साथ खिताब जीता था। जन्म से भुजाहीन शीतल धनुष को पैरों से साधती हैं और कंधे व जबड़े से डोरी खींचती हैं।

तोमन कुमार: IED ब्लास्ट से स्वर्ण तक का सफर

छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के नवागांव के रहने वाले 31 वर्षीय तोमन कुमार सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। फरवरी 2022 में झारखंड के लोहरदगा में माओवादियों के खिलाफ संयुक्त तलाशी अभियान में IED विस्फोट में उन्होंने अपना बायां पैर गंवा दिया था। गंभीर चोट के बावजूद यह स्वर्ण उनकी अदम्य भावना का प्रतीक है। हालांकि, पुरुष व्यक्तिगत कांस्य प्लेऑफ में वह चीन के झांग यिचेंग से 139-148 से हार गए।

स्वाति चौधरी: W1 में ऐतिहासिक रजत

मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति चौधरी महिला W1 फाइनल में चीन की सेन मेंगकान से 4-6 से हार गईं और रजत पर संतोष करना पड़ा — लेकिन इस अत्यधिक चुनौतीपूर्ण वर्ग में पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय तीरंदाज बन गईं। उन्होंने 4-2 की बढ़त बनाई थी, लेकिन चीनी तीरंदाज ने शानदार वापसी की (सेट: 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28)। स्वाति मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं और पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीता था।

तीरंदाजी में भारत के चार पदक

इससे पहले शीतल ने पायल नाग के साथ महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में रजत भी जीता था। मौजूदा खेलों में शीतल के कुल 3 पदक हो गए हैं। हांगझोउ 2023 में भी उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत अपने नाम किए थे।

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