मध्य प्रदेश कांग्रेस ने देवास शराब कांड और खातेगांव के थाना प्रभारी की हत्या के मामले में नाम सामने आने के बाद अपने युवा नेता राहुल जायसवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने राहुल जायसवाल को छह साल के लिए संगठन से निष्कासित कर दिया है। निष्कासन का आदेश 3 नवंबर को जारी किया गया था, जिसकी प्रति अब सामने आई है।

पहले निलंबन, अब छह साल का निष्कासन
राहुल जायसवाल के खिलाफ खातेगांव के थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी को वाहन से कुचलने के मामले में संलिप्तता के आरोप लगे हैं। उन पर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े होने के भी आरोप हैं। मामले में नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने पहले उन्हें निलंबित किया था, और अब पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए बाहर करने का फैसला लिया है। पुलिस राहुल जायसवाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
कौन हैं राहुल जायसवाल
राहुल जायसवाल लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय हैं और कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह छह साल तक युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और फिलहाल कांग्रेस की ओर से हरदा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी का दायित्व निभा रहे थे। एक वरिष्ठ संगठनात्मक पद पर रहे नेता का नाम हत्या जैसे गंभीर मामले में आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
2 नवंबर की रात क्या हुआ था
2 नवंबर की रात खातेगांव के थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शराब से भरे वाहन की सूचना पर वह जांच में लगे थे। संदिग्ध वाहन के चालक को नीचे उतरकर तलाशी देने के लिए कहा गया तो उसने टीआई दिलीप पुरी के ऊपर ही शराब से भरी गाड़ी चढ़ा दी और वाहन लेकर भाग गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि टिमरनी से बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर आयशर वाहन क्रमांक एमपी-43 एच4786 गुजरात ले जाया जा रहा है। इस पर कन्नौद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने नाकाबंदी कर दी थी। सांडलपुर फाटा पर खातेगांव के टीआई दिलीप पुरी मुस्तैद थे। रोकने पर चालक ने जान से मारने की नीयत से उन्हें वाहन से कुचल दिया। वारदात के बाद पुलिस ने वाहन चालक अलीराजपुर निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कु को पकड़ लिया।
शराब कारोबार से जुड़ाव का खुलासा
मामले की जांच में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल के भी शराब कारोबार से जुड़े होने का खुलासा हुआ। बड़वानी निवासी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर शराब ठेके में कथित तौर पर राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है। देवास शराब कांड अब केवल अवैध शराब की तस्करी तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें एक राजनीतिक संगठन से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

