मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकल्प जताया है कि अगले दो वर्षों में मध्य प्रदेश को देश का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित दीपावली मिलन समारोह के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश वर्तमान में देश में दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, लेकिन राज्य सरकार की मजबूत नीतियों के दम पर इसे पहले स्थान पर पहुंचाया जाएगा।

हर ग्राम पंचायत में दुग्ध सहकारी समिति
किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन से जोड़ने के लिए राज्य सरकार त्रिस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर दूध संकलन के लिए नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान पारंपरिक अनाज उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन से भी अपनी दैनिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकें। दुग्ध प्रसंस्करण तंत्र, दुग्ध शीतलन केंद्रों और पशु आहार आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है।
खेती और किसानी का फर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंचों पर नई पहचान बना रहा है। मध्य प्रदेश एक कृषि-प्रधान राज्य है, जहां सरकार खेती और किसानी दोनों के विकास के लिए कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेती का अर्थ केवल अनाज उत्पादन से है, जबकि किसानी का वास्तविक मतलब पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारना है। किसानों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार ने अब दिन के समय में भी 10 घंटे निर्बाध बिजली देने की शुरुआत कर दी है। नदी जोड़ो अभियान और जल संसाधनों के संरक्षण के माध्यम से प्रदेश भर में सिंचाई रकबे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
9 नवंबर को गौशालाओं को 60 करोड़ का अनुदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा के पावन पर्व पर आयोजित राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मान समारोह में मुख्य आतिथ्य करेंगे। भोपाल के रवींद्र भवन में होने वाले मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर गौ-पूजन और पशुपालक सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। समारोह में प्रदेश की 3,000 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित 5.51 लाख गोवंश के भरण-पोषण के लिए सितंबर माह की 60 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि डीबीटी से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
गिर गाय राधा ने जीता पहला स्थान
गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत प्रदेश के चयनित 208 वृंदावन ग्रामों में 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें उज्जैन जिले के ग्राम तालोद के गौरव रघुवंशी की गिर नस्ल की गाय राधा ने प्रतिदिन औसतन 19.760 लीटर दूध देकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे स्थान पर रतलाम के मुकेश कुमार परमार की गाय 17.230 लीटर और तीसरे स्थान पर उमरिया की संध्या पांडेय की गिर गाय 17.166 लीटर दूध के साथ रही। प्रथम स्थान पर एक लाख, द्वितीय पर 50 हजार और तृतीय पर 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री 9 नवंबर को भोपाल में 10 पशुपालकों को सांकेतिक रूप से सम्मानित करेंगे।

