दिवाली की खरीदारी के चलते इंदौर के प्रमुख बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। राजवाड़ा, सराफा, बर्तन बाजार और रानीपुरा जैसे शहर के सबसे पुराने और बड़े व्यापारिक इलाकों में खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके चलते प्रशासन को इन इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध, डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और निगरानी के खास इंतजाम करने पड़े हैं।
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राजवाड़ा के आसपास की ऐतिहासिक गलियां त्योहार के लिए रोशनी और सजावट से जगमगा उठी हैं। सराफा की ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सौ साल से भी पुराने इस बाजार में रंग-बिरंगे इंस्टॉलेशन, रोशन दुकानें और लाल कालीन बिछाया गया है, ताकि त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग के लिए व्यापारी तैयार रहें।
राजवाड़ा से रानीपुरा तक रौनक
बर्तन बाजार में भी ग्राहकों की खासी भीड़ है। दुकानदारों ने स्टील और पीतल के बर्तन सजावटी ढंग से दुकानों के बाहर रखे हैं। रानीपुरा में सड़क किनारे लगे स्टॉल और दुकानों पर कृत्रिम फूलों की मालाएं, तोरण, घंटियां, सजावटी लटकन, दीये और लाइटों की लड़ियां बिक रही हैं। इन बाजारों की कई सड़कें खरीदारी और पैदल चलने वालों के लिए व्यस्त जोन में बदल गई हैं।
त्योहार की रौनक सीतलामाता बाजार, एमटी क्लॉथ मार्केट और कपड़ा बाजार तक फैली है, जहां परिवार कपड़े, साड़ियां और त्योहारी पोशाकें खरीद रहे हैं। पूजा की सामग्री, उपहार और घर की सजावट का सामान बेचने वाली दुकानों ने भी अपनी दुकानें सजाई हैं। छप्पन दुकान और अन्य व्यावसायिक इलाकों में भी हलचल बढ़ी है, जहां रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट त्योहारों की मांग के लिए तैयार हैं।
धनतेरस पर ऑटो-ज्वेलरी-इलेक्ट्रॉनिक्स में तेजी
धनतेरस पर ऑटोमोबाइल, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई। चांदी के गहने, दोपहिया वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस दौरान सबसे ज्यादा खरीदे गए। मिठाई की दुकानों पर भी पारंपरिक मिठाइयों और गिफ्ट बॉक्स के ऑर्डर आ रहे हैं, जबकि मोहल्लों के बाजार पूजा सामग्री, फूल और घरेलू जरूरतों का सामान मुहैया करा रहे हैं।
रानीपुरा के व्यापारी किरण बंसी के मुताबिक इस साल ग्राहक नए डिजाइन तलाश रहे हैं, लेकिन अपने बजट का भी ध्यान रख रहे हैं। उनके अनुसार भीड़ आखिरी कुछ दिनों में बढ़ी है। हर श्रेणी में मांग एक जैसी नहीं रही, कुछ जगहों पर बिक्री तेज रही तो कुछ जगहों पर ग्राहक सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था और निगरानी
शहर के पुराने और संकरे बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ के कारण आवाजाही का प्रबंधन तैयारियों का अहम हिस्सा बन गया है। डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि राजवाड़ा, सराफा, बर्तन बाजार, आड़ा बाजार, मच्छी बाजार, यशवंत रोड और पीपली बाजार के आसपास प्रतिबंध और डायवर्जन की योजना बनाई गई है। आगंतुकों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था की गई है, जबकि निगरानी के जरिए भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। इन इंतजामों का मकसद त्योहारी भीड़ के दौरान पैदल चलने वालों और वाहनों की आवाजाही को सुचारू रखना है।

