पुष्यनक्षत्र और धनतेरस पर हुई जोरदार खरीदारी के बाद शनिवार को इंदौर के सराफा बाजार में ग्राहकी कुछ सुस्त नजर आई। त्योहारों के पहले दौर में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद बाजार में ठहराव आना स्वाभाविक माना जा रहा है। इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिखा और सोना मामूली रूप से सस्ता हो गया, जबकि चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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सराफा कारोबारियों के मुताबिक धनतेरस तक बाजार में जबरदस्त रौनक थी। बड़ी संख्या में ग्राहकों ने सोने-चांदी के सिक्के, गहने और बर्तन खरीदे थे। लेकिन धनतेरस के बाद शनिवार को दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही घट गई। यही वजह रही कि सोने के दाम नीचे आए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर
अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में भी निवेशकों की खरीदारी सुस्त रही। शुक्रवार देर रात सोना और चांदी के वायदा भाव पहले काफी उछले, लेकिन बाद में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कामेक्स पर सोना घटकर 4,070 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी चौरसा 51.94 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। विदेशी बाजारों की इसी कमजोरी का असर शनिवार को भारतीय बाजारों पर भी पड़ा और सोने के दाम घटकर खुले।
इंदौर में भी यही रुझान देखने को मिला। एकाएक ग्राहकी सुस्त होने और विदेशों में कमजोरी के चलते सोना केडबरी 300 रुपये घटकर 1,44,900 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया। वहीं चांदी चौरसा 1,88,200 रुपये प्रति किलो के स्तर पर स्थिर रही।
शादी के सीजन से ज्वेलर्स को उम्मीद
सराफा कारोबारियों का मानना है कि दीपावली के बाद शुरू होने वाले वैवाहिक सीजन में सोने-चांदी की मांग अच्छी निकलेगी। पिछले एक महीने में सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट को वे मांग बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं। त्योहारों के दौरान जिन लोगों ने खरीदारी टाल दी थी, वे शादी-ब्याह के मौके पर बाजार लौट सकते हैं।
ज्वेलर्स को भरोसा है कि कीमतों में नरमी बनी रही तो आने वाले हफ्तों में ग्राहकी फिर से तेज होगी। धनतेरस पर जिस तरह चांदी की खरीदारी सोने से आगे रही, उससे यह भी साफ है कि ग्राहक अब निवेश और गहनों दोनों के लिहाज से चांदी को तरजीह दे रहे हैं।

