इंदौर के पालदा इलाके में प्रशासन ने एक गोदाम पर छापा मारकर हजारों लीटर ज्वलनशील इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट बरामद किया है। यह खतरनाक केमिकल बिना किसी अनुमति के गोदाम में जमा किया गया था। कार्रवाई के बाद गोदाम मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ भंवरकुआं थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।


खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि पालदा क्षेत्र के एक गोदाम में ज्वलनशील पदार्थ का गैरकानूनी भंडारण हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गोदाम की तलाशी ली। जांच में गोदाम के भीतर 46 लोहे के ड्रमों में पेट्रोलियम जैसी तेज गंध वाला पदार्थ रखा पाया गया। इसके अलावा 19 ड्रमों में लुब्रिकेंट ऑयल भी बरामद हुआ। गोदाम परिसर में खड़े एक लोडिंग वाहन में भी 12 ड्रम रखे हुए थे।
टैंकर से ड्रमों में भरा जा रहा था सॉल्वेंट
जांच के दौरान गोदाम के बाहर एक ट्रक टैंकर भी खड़ा मिला, जिससे इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट को ड्रमों में भरा गया था। इससे साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण और कारोबार चल रहा था। टीम ने मौके से सारा माल जब्त कर लिया है।
मालिक समेत चार लोगों पर केस दर्ज
खाद्य विभाग की शिकायत पर भंवरकुआं थाने में गोदाम मालिक विनोद अग्रवाल, एजेंसी संचालक विनय अग्रवाल, मैनेजर सौरभ सोलंकी और ड्राइवर केलवराम सारदिया के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
बिना अनुमति भंडारण, आग बुझाने के यंत्र तक नहीं
इस तरह के ज्वलनशील पदार्थों के कारोबार के लिए प्रशासन की अनुमति के साथ-साथ विस्फोटक विभाग और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होता है। लेकिन जांच में गोदाम संचालक के पास किसी तरह की अनुमति नहीं मिली। इतना ही नहीं, मौके पर आग बुझाने के उपकरण तक मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
गौरतलब है कि इंदौर में पिछले साल एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की जान चली गई थी। वहीं रानीपुरा में पटाखों की दुकान में हुए विस्फोट में भी चार लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण शहर के लिए बड़ा खतरा बन सकता था, जिसे समय रहते टाल दिया गया।


