इंदौर में डिजिटल दुनिया के खतरों से छात्रों को सचेत करने के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत की ओर से शहर के एक निजी विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा पर संवाद सत्र रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।


एडिशनल डीसीपी ने बताए बचाव के उपाय
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर इंदौर क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों को साइबर अपराधों की पहचान, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग जैसे खतरों के बारे में जानकारी दी।
दंडोतिया ने बताया कि मजबूत पासवर्ड बनाना, अपनी निजी और गोपनीय जानकारी अनजान लोगों से साझा न करना और किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर बिना जांच के भरोसा न करना डिजिटल सुरक्षा की पहली शर्त है। उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने और हर ऑनलाइन गतिविधि में सावधानी बरतने की अपील की।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर सेज यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. पृथ्वी यादव और प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंकुर सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में करीब 150 से 200 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपने सवालों के जवाब भी हासिल किए।
रोटरी क्लब के सदस्य और आयोजन की रूपरेखा
आयोजन में रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत के अध्यक्ष रोटेरियन विनय गुप्ता और सचिव रोटेरियन विनोद वर्मा समेत क्लब के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए। इनमें रोटेरियन रूबी मल्होत्रा, अजय गुप्ता, विक्रम चौहान, सीमा सोलंकी, अभिषेक राजावत, अशोक शुक्ला, संतोष मुंद्रा, सरिता अग्रवाल, केशव सिंह राजावत, वीरेंद्र सिंह तोमर और एस. एन. घोष के नाम शामिल हैं। रोटरी मंडल के पब्लिक इमेज चेयरपर्सन सीए घनश्याम सिंह भी मौजूद रहे।
जागरूकता कार्यक्रम की संयोजक शिखा काबरा रहीं। कार्यक्रम के समापन पर क्लब की ओर से डिस्ट्रिक्ट पब्लिक इमेज चेयरपर्सन घनश्याम सिंह ने मुख्य वक्ता राजेश दंडोतिया, सहयोगियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।


