सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। बीएसई सेंसेक्स करीब 300 अंक की छलांग के साथ 72,771 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी-50 भी करीब 73 अंक चढ़कर 22,593 के स्तर पर खुला। पिछले सत्र में सेंसेक्स 72,472 और निफ्टी 22,520 पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में बाजार में चौतरफा खरीदारी दिखी और छोटे-मझोले शेयरों में भी मजबूती बनी रही।


तेजी की वजहें
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1.53 प्रतिशत गिरकर 103.12 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के सप्ताहांत में उठाए गए कदमों से भी बाजार का मनोबल बढ़ा। आरबीआई ने रुपये को स्थिर करने के लिए तेल कंपनियों की डॉलर तक पहुंच पर रोक लगाई और मुद्रा हेजिंग नियम कड़े किए। इसका असर यह हुआ कि रुपया डॉलर के मुकाबले 94 पैसे मजबूत होकर 95.77 के स्तर पर खुला, जबकि शुक्रवार को यह 96.73 पर बंद हुआ था। इसके अलावा रूस-यूक्रेन ऊर्जा संघर्षविराम की उम्मीदों और एशियाई बाजारों की सकारात्मक शुरुआत से भी घरेलू बाजार को सहारा मिला। शुक्रवार को बाजार ने 25 साल की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट के सिलसिले को तोड़ा था, जिससे निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
चढ़ने और गिरने वाले शेयर
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील सबसे आगे रहा, जिसमें करीब 0.95 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और रिलायंस के शेयर भी चढ़ने वालों में रहे। दूसरी ओर टेक महिंद्रा करीब 0.71 प्रतिशत गिरकर पिछड़ने वालों में सबसे आगे था, जबकि भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी दबाव देखा गया। बाजार की चौड़ाई मजबूत रही — एनएसई पर 2,120 शेयर चढ़े जबकि 466 गिरे। निफ्टी स्मॉलकैप-50 में 1.25 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 में 1.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मीडिया, ऑटो और केमिकल्स में करीब एक प्रतिशत तक की तेजी आई, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक अकेला गिरने वाला सेक्टर रहा।
निवेशकों की नजर कहां
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार अभी भी नाजुक दौर से गुजर रहा है। बाजार विश्लेषक विपिन दिक्षेना का कहना है कि शुक्रवार की 1.30 प्रतिशत की रिकवरी के बाद भारतीय बाजार अहम मोड़ पर है और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी. के. विजयकुमार के मुताबिक बाहरी दबाव घरेलू सकारात्मक संकेतों पर भारी पड़ रहा है और निकट भविष्य में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रह सकती है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक इस बिकवाली को संभाल लेंगे। आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने 9 अक्टूबर को 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,743.26 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। दूसरी तिमाही के कारोबारी अपडेट भी आए हैं — डीमार्ट का शुद्ध मुनाफा 7.6 प्रतिशत बढ़कर 804 करोड़ रुपये रहा, पूनावाला फिनकॉर्प का मुनाफा पांच गुना बढ़कर 375 करोड़ रुपये पहुंचा, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का उत्पादन 19.2 प्रतिशत घटा। निवेशकों की नजर अब तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेगी।


