आज, 13 अक्टूबर से वैभव व्यापार लिमिटेड का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 42.10 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। आईपीओ में आवेदन 15 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। निवेश से पहले इश्यू की पूरी टाइमलाइन, प्राइस बैंड, न्यूनतम निवेश और कंपनी के कारोबार को समझ लेना जरूरी है।


इश्यू की मुख्य बातें
वैभव व्यापार का आईपीओ 42.10 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। कंपनी इस इश्यू के तहत 77.96 लाख नए शेयर जारी करेगी और यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू है। यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है, सारे शेयर नए जारी किए जा रहे हैं।
आवेदन की तारीखें और लिस्टिंग
आईपीओ 13 अक्टूबर 2026 को खुला है और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग 21 अक्टूबर 2026 को संभावित है।
प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश
कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 51 से 54 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 2,000 शेयर होंगे। हालांकि, रिटेल निवेशकों को न्यूनतम दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर बैंड 54 रुपये के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम 2,16,000 रुपये लगाने होंगे। वहीं, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) निवेशकों के लिए न्यूनतम तीन लॉट यानी 6,000 शेयर निर्धारित हैं, जिसके लिए 3,24,000 रुपये का निवेश करना होगा।
किस कैटेगरी को कितने शेयर मिलेंगे
आईपीओ में कुल 77.96 लाख शेयर शामिल हैं। इसमें से 3.90 लाख शेयर फर्म बेसिस पर आवंटित किए गए हैं। इन्हें घटाने के बाद सार्वजनिक पेशकश के तहत नेट ऑफर 74.06 लाख शेयरों का है। इस नेट ऑफर का श्रेणीवार बंटवारा इस प्रकार है: क्यूआईबी को 36.94 लाख शेयर यानी करीब 49.88 फीसदी, एनआईआई को 11.16 लाख शेयर यानी करीब 15.07 फीसदी और रिटेल निवेशकों को 25.96 लाख शेयर यानी करीब 35.05 फीसदी।
कंपनी क्या करती है
फरवरी 2009 में स्थापित वैभव व्यापार लिमिटेड एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी यानी एनबीएफसी है। कंपनी वेतनभोगी और स्वरोजगार करने वाले लोगों को पर्सनल लोन देती है। कंपनी का डिजिटल लेंडिंग कारोबार ‘लोनफ्रंट’ ब्रांड के तहत चलता है। कंपनी सीधे कर्ज देने के साथ दूसरी एनबीएफसी के साथ को-लेंडिंग व्यवस्था के तहत भी काम करती है। वैभव व्यापार का फोकस शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले वेतनभोगी और स्वरोजगार करने वाले लोगों पर है। इसमें पहली बार कर्ज लेने वाले और कम आय वाले वेतनभोगी ग्राहक भी शामिल हैं। अक्टूबर 2019 में कैपफ्रंट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने इसका अधिग्रहण किया था।
मुनाफा और आय में बढ़त
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1.48 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 33 फीसदी बढ़कर 1.97 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कुल आय 25.34 करोड़ रुपये से 48 फीसदी बढ़कर 37.64 करोड़ रुपये पहुंच गई।
जुटाई गई रकम का इस्तेमाल
वैभव व्यापार आईपीओ से मिलने वाली शुद्ध रकम का इस्तेमाल दो प्रमुख उद्देश्यों के लिए करेगी। पूंजी आधार बढ़ाने के लिए 32 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर की जिम्मेदारी गेटफाइव एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है और रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है। इसे किसी भी तरह से निवेश सलाह के रूप में न समझें। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


