मंगलवार, 13 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 380 अंकों यानी लगभग आधा फीसदी की बढ़त के साथ 72,290 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में भी करीब आधा फीसदी की तेजी रही और यह 22,470 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार को सहारा मिला।


आईटी शेयरों ने बाजार को दी रफ्तार
शुरुआती कारोबार में एचसीएलटेक के शेयर करीब 4.8 फीसदी चढ़ गए, जबकि टीसीएस के शेयरों में करीब 4.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। टेक महिंद्रा के शेयर 2.6 फीसदी और इंफोसिस के शेयर 1.9 फीसदी ऊपर कारोबार करते दिखे। आईटी शेयरों में इस तेजी की वजह इन कंपनियों के तिमाही नतीजे रहे, जिनके बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
टीसीएस और एचसीएलटेक के तिमाही नतीजे
टीसीएस ने सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। नतीजों के बाद टीसीएस का शेयर शुरुआती कारोबार में पांच फीसदी से ज्यादा चढ़कर करीब 2,193 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। उधर, एचसीएलटेक ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध मुनाफे में 21.18 फीसदी की बढ़त की जानकारी दी, जिसके बाद उसके शेयरों में भी जोरदार खरीदारी दिखी।
सेंसेक्स के बाकी शेयरों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और ट्रेंट के शेयरों में बढ़त रही। वहीं, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, मारुति और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में गिरावट
भारतीय बाजार की तेजी के उलट एशियाई बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.2 फीसदी गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 3.3 फीसदी लुढ़क गया और स्मॉल-कैप कोस्डैक इंडेक्स में 2.49 फीसदी की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.33 फीसदी नीचे रहा।
कच्चा तेल और डॉलर का हाल
शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले बंद भाव से थोड़ी नीचे रहीं। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 106.05 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 1.4 फीसदी गिरकर 93.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102.44 पर ट्रेड कर रहा था। 12 अक्टूबर को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.78 पर बंद हुआ था।
आईएमएफ ने बढ़ाया भारत का ग्रोथ अनुमान
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक और अच्छी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है। आईएमएफ के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर की अच्छी गतिविधियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पहले के अनुमान से ज्यादा तेजी से बढ़ेगी।


