ग्वालियर में 70वीं राज्य स्तरीय शालेय बालिका अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज हो गया है। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर की मेजबानी में यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से शुरू हुई और 28 अक्टूबर तक चलेगी। प्रदेश के 10 संभागों की टीमें इस प्रतियोगिता में खिताब के लिए जोर आजमाइश कर रही हैं। मुकाबले कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम सहित शहर के मैदानों पर खेले जा रहे हैं।

पहले दिन ग्वालियर की धमाकेदार जीत
प्रतियोगिता के पहले दिन कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में दो मुकाबले खेले गए। पहले मुकाबले में मेजबान ग्वालियर ने नर्मदापुरम को 111 रन के बड़े अंतर से हराकर शानदार शुरुआत की। पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्वालियर ने निर्धारित 15 ओवर में 3 विकेट पर 140 रन बनाए। आदिति तिवारी ने 60 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि गौरी 41 रन बनाकर नाबाद रहीं। जवाब में नर्मदापुरम की टीम 9.5 ओवर में महज 31 रन पर सिमट गई। दूसरे मुकाबले में भोपाल ने जबलपुर को हराया।
उद्घाटन समारोह में ये रहे मौजूद
प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने की। इस अवसर पर जीडीसीए सचिव विजय प्रकाश शर्मा, डीपीआई पर्यवेक्षक देवेश शर्मा और संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर हरिओम चतुर्वेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत सहायक संचालक खेल आरके सिंह, कक्ष प्रभारी संदीप शर्मा और जिला क्रीड़ा प्रभारी सुनील साहू ने किया। संचालन अर्चना सागर और सुनीता पाठक ने किया।
विवादों में घिरा पहला दिन
खेल से ज्यादा चर्चा पहले दिन आयोजन में सामने आई अव्यवस्थाओं और विवादों की रही। एमपीसीए की सीनियर महिला टीम चयन समिति की सदस्य हेमा राजनगांवकर ने आयोजन समिति के सदस्य संदीप शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। हेमा का कहना है कि वह खेल विभाग के साथ मिलकर ग्वालियर में बालिका क्रिकेटरों को तैयार कर रही हैं, लेकिन अपने ही शहर की इतनी बड़ी प्रतियोगिता में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित तक नहीं किया गया। वह मंच के सामने बैठी रहीं, लेकिन उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी गई।
कोच चयन पर भी उठे सवाल
हेमा राजनगांवकर ने ग्वालियर संभाग की टीम के कोच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सिंधिया कन्या विद्यालय की कोच शुभांक्षी मुकरिया का नाम सुझाया था, लेकिन उनके प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी। पहले दिन के मुकाबले में शिक्षा विभाग के जितेंद्र यादव को कोच की जिम्मेदारी निभाते देखा गया। ग्वालियर की टीम में शुभांक्षी की चार शिष्य खिलाड़ी भी शामिल हैं। हेमा ने कहा कि उन्हें दिखावे से ज्यादा काम पर भरोसा है और वह अपने काम में जुटी रहेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने चाहिए या खिलाड़ियों को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए।

