इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान एक पोस्टर को लेकर बवाल हो गया। यात्रा सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली गई। इस दौरान जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति हाथ में पोस्टर लेकर खड़ा हो गया। पोस्टर पर नगरीय निकाय में खरीद से जुड़े आरोप लिखे थे, जिसके बाद माहौल गरमा गया।

पोस्टर में क्या लिखा था
पोस्टर में लिखा था, एक बल्ब 30 हजार रुपए में और एक लीटर फिनायल 33 हजार रुपए में, जवाब दो। यह पोस्टर देखते ही मंत्री विजयवर्गीय ने अपना संबोधन बीच में रोक दिया और कहा कि एक न्यूसेंस आ गया है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर लेकर खड़े व्यक्ति को पकड़कर अपने साथ ले गई। पुलिस ने उसे बलपूर्वक गाड़ी में बिठाया। संबंधित व्यक्ति का नाम प्रहलाद पांडे बताया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि
खबरों के अनुसार, पिछले दिनों नगरीय निकाय के अधिकारियों की बैठक में एक अधिकारी ने भ्रष्टाचार का मामला उजागर किया था, जिसमें खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उसी पृष्ठभूमि में यह पोस्टर यात्रा के दौरान दिखाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।
यात्रा में कौन-कौन शामिल हुआ
इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा के प्रदेश प्रभारी विप्लब कुमार देब, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने इंदौर में भारी भीड़ को विपक्षी दलों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी बताया।
एसआईआर के मुद्दे पर भी निशाना
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए मृत व्यक्तियों और विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने भी कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के अपमान का आरोप लगाया। भाजपा का दावा है कि मार्च में एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह यात्रा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ भाजपा के अभियान के तहत निकाली गई थी, लेकिन पोस्टर वाली घटना ने इसे अलग ही चर्चा का विषय बना दिया है।

